फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Tax irregularities worth more than Rs 2 crore in six supplier firms in rudrapur

Rudrapur: छह सप्लायर फर्म में दो करोड़ से अधिक के टैक्स की गड़बड़ी, दूसरे दिन भी जारी रही जांच पड़ताल

Sat, 08 Jun 2024 01:51 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 08 Jun 2024 01:51 PM IST
सार

रुद्रपुर में सिडकुल की नामी कंपनियों में कैटरिंग सर्विस देने वाली फर्मों पर राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। टीम ने आवास विकास क्षेत्र में दो और फर्मों से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए।

विज्ञापन
Tax irregularities worth more than Rs 2 crore in six supplier firms in rudrapur
छह सप्लायर फर्म में दो करोड़ से अधिक के टैक्स की गड़बड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

विज्ञापन

रुद्रपुर में सिडकुल की नामी कंपनियों में कैटरिंग सर्विस देने वाली फर्मों पर राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। टीम ने आवास विकास क्षेत्र में दो और फर्मों से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए। छह फर्मों में छापे के बाद दो करोड़ से अधिक की टैक्स की गड़बड़ी सामने आई है।

शुक्रवार को एसआईबी ने आवास विकास क्षेत्र में दो कैटरिंग फर्मों पर छापा मारा। दोनों फर्म 2019-20 से पांच फीसदी जीएसटी जमा कर रही है जबकि फर्मों को 18 फीसदी जीएसटी जमा करनी है। इससे फर्म संचालकाें में खलबली मची रही। एसआईबी की टीम ने डिप्टी कमिश्नर विनय कुमार ओझा की अगुवाई में छह घंटे से अधिक समय तक दोनों फर्म में दस्तावेजों की जांच की। साथ ही कंपनियों में की गई कैटरिंग सप्लाई के बारे में जानकारी ली।

विज्ञापन


ये पढ़ें- गुरू-शिष्य का रिश्ता तार-तार: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी पुजारी को 20 साल की जेल, 55 हजार रुपये का जुर्माना
विज्ञापन
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को टीम ने चार फर्म से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए थे। डिप्टी कमिश्नर ओझा ने बताया कि दो दिन में छह फूड सप्लायर फर्म पर सर्वे की जांच पड़ताल की गई है। इन फर्मों ने जीएसटी के शुरुआती समय में 18 फीसदी जीएसटी जमा की थी। लेकिन 2018-19 की छमाही के बाद केवल पांच फीसदी जीएसटी ही जमा कर रहे थे।
 

फर्म संचालकों को नोटिस देकर पांच फीसदी जीएसटी जमा करने के बारे में पूछा जाएगा, साथ ही बकाया 13 फीसदी जीएसटी को मय ब्याज सहित जमा कराया जाएगा। जो कागज फर्मों से लिए गए हैं, उनका मिलान पोर्टल में फर्म की ओर से अपलोड किए गए दस्तावेजों में दर्ज जानकारियों से किया जाएगा। टीम में असिस्टेंट कमिश्नर राहुलकांत आर्य, राज्य कर अधिकारी अनिल चौहान आदि शामिल रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed