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सरकारी स्कूल में ई-पाठशाला के जरिये पढ़ेंगे बच्चे

Fri, 07 Sep 2018 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज। Updated Fri, 07 Sep 2018 12:08 AM IST
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Students will study through E- Pathshala
सितारगंज के कुंवरपुर सिसैया राप्रा विद्यालय में कंप्यूटर पर शिक्षा लेते बच्चे। - फोटो : amar ujala
प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने और डिजिटल युग में बच्चों को सूचना संप्रेषण एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकारी स्कूलों में ई-पाठशाला की शुरुआत की जा रही है।  इसके लिए एनसीईआरटी की ओर से इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) प्रोग्राम चलाया जाएगा। एनसीईआरटी की ओर से प्रत्येक स्कूल में एक-एक अनुदेशक की नियुक्ति की जाएगी। 
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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अनुसार कक्षा से छह से 12वीं तक के 1204 स्कूलों को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें यहां के सितारगंज आदर्श राजकीय इंटर कालेज, राइंका औदली, राइंका बिज्टी, शक्तिफार्म के राइंका और राबाइंका समेत जिले के कुल 33 स्कूलों को चिह्नित किया है।
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इन स्कूलों में टेलीफोन, मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट आदि के माध्यम से पाठ्यक्रम और अन्य शैक्षिक विषयों पर जानकारी ली जा सकेगी। 
आईसीटी में शिक्षक और विद्यार्थियों के लिए ई-पाठशाला, दीक्षा, स्वयं, उज्ज्वल आदि पोर्टल नि:शुल्क मिलेंगे। शासन की ओर से संचालित कार्यक्रम के तहत प्रत्येक स्कूल में पांच वर्ष तक तकनीकी शिक्षा देने के लिए एक-एक अनुदेशक नियुक्त किया जाएंगे, जो शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के साथ बच्चों को तकनीकी शिक्षा देंगे। 
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कुंवरपुर प्राथमिक स्कूल में आईसीटी पैटर्न पर दी जा रही शिक्षा 
सितारगंज। एनएच-74 पर बसे ग्राम कुंवरपुर सिसैया के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में स्कूल स्तर पर आईसीटी पैटर्न पर शिक्षा दी जा रही है। स्कूल में बाकायदा ई-पाठशाला बनाई गई है। इस पर शिक्षक सचिन कुमार बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ कंप्यूटर संचालन की शिक्षा दे रहे हैं। 

 
-आईसीटी प्रोग्राम के लिए प्रदेश के 1204 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। इनमें पांच साल के लिए एक-एक अनुदेशक की नियुक्ति की जाएगी, जो बच्चों को तकनीकी शिक्षा देने के साथ ही शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। पांच साल बाद शिक्षक ही बच्चों को कंप्यूटर के जरिये पढ़ाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारियां कर ली गई हैं। शासनादेश जारी नहीं हुआ है। शासन से आदेश जारी होने के बाद एमओयू कराकर स्कूलों में आईसीटी प्रोग्राम संचालित किया जाएगा। - डॉ. मुकुल सती-परियोजना निदेशक, समग्र अभियान उत्तराखंड। 
 
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