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वेतन वृद्धि को लेकर कामबंद हड़ताल
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सितारगंज गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड में धरना प्रदर्शन करते श्रमिक।
- फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। वेतन वृद्धि को लेकर गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड में श्रमिकों ने बुधवार को हड़ताल कर अनिश्चितकालीन धरना दिया। उन्होंने फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे फैक्टरी में उत्पादन ठप हो गया है।
श्रमिकों की मांग है कि प्रबंधन की ओर से हर महीने पांच हजार रुपये की वेतन वृद्धि की जाए। आरोप लगाया कि प्रबंधन के अधिकारी वेतन वृद्धि न कर श्रमिकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने पांच हजार रुपये प्रति महीने की वेतन वृद्धि करने व ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर कंपनी द्वारा स्थायी कर्मचारी के रूप में नियुक्ति देने आदि की मांग की, जबकि कंपनी पांच साल पुराने श्रमिकों को 1300 रुपये वेतन और छह साल पुराने श्रमिकों को 1700 रुपये वेतन बढ़ाकर दे रही है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। श्रमिकों की हड़ताल से कंपनी को भारी क्षति उठानी पड़ रही है। प्रदर्शन में कैलाश पांडे, हरीश सिंह सतवाल, जनार्दन पोखरिया, राधेश्याम, महेंद्र यादव, रामजीत, संतोष कुमार, गौतम शर्मा, कन्हैया लाल मोरिया, सज्जन कुमार, दीपेंद्र आदि थे। वहीं फैक्टरी के बाहर श्रमिकों के परिजन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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सहायक प्रबंधक ने एसएसपी को लिखा पत्र
सितारगंज। गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड की मानव संसाधन के सहायक प्रबंधक केके राय ने एसएसपी बरिंदरजीत सिंह को पत्र लिखकर श्रमिकों पर अवैधानिक तरीके से हड़ताल करने का आरोप लगाया है। कहा कि कुछ श्रमिक अवैधानिक वेतन वृद्धि की मांग कर कंपनी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में प्रबंधन, श्रमिक, पुलिस, प्रशासन व श्रम विभाग के मध्य वार्ता जारी है। बावजूद इसके श्रमिकों ने 22 जनवरी को पत्र लिखकर कंपनी में कामबंद हड़ताल करने की चेतावनी दी थी। सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों को त्रिपक्षीय वार्ता चलने की जानकारी भी दी थी। कहा कि अगर हड़ताल की जाती है तो राज्य में लागू उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों के खिलाफ है। कहा कि श्रमिकों ने उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। उन्होंने एसएसपी से कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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श्रमिकों की मांग है कि प्रबंधन की ओर से हर महीने पांच हजार रुपये की वेतन वृद्धि की जाए। आरोप लगाया कि प्रबंधन के अधिकारी वेतन वृद्धि न कर श्रमिकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने पांच हजार रुपये प्रति महीने की वेतन वृद्धि करने व ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर कंपनी द्वारा स्थायी कर्मचारी के रूप में नियुक्ति देने आदि की मांग की, जबकि कंपनी पांच साल पुराने श्रमिकों को 1300 रुपये वेतन और छह साल पुराने श्रमिकों को 1700 रुपये वेतन बढ़ाकर दे रही है।
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श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। श्रमिकों की हड़ताल से कंपनी को भारी क्षति उठानी पड़ रही है। प्रदर्शन में कैलाश पांडे, हरीश सिंह सतवाल, जनार्दन पोखरिया, राधेश्याम, महेंद्र यादव, रामजीत, संतोष कुमार, गौतम शर्मा, कन्हैया लाल मोरिया, सज्जन कुमार, दीपेंद्र आदि थे। वहीं फैक्टरी के बाहर श्रमिकों के परिजन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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सहायक प्रबंधक ने एसएसपी को लिखा पत्र
सितारगंज। गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड की मानव संसाधन के सहायक प्रबंधक केके राय ने एसएसपी बरिंदरजीत सिंह को पत्र लिखकर श्रमिकों पर अवैधानिक तरीके से हड़ताल करने का आरोप लगाया है। कहा कि कुछ श्रमिक अवैधानिक वेतन वृद्धि की मांग कर कंपनी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में प्रबंधन, श्रमिक, पुलिस, प्रशासन व श्रम विभाग के मध्य वार्ता जारी है। बावजूद इसके श्रमिकों ने 22 जनवरी को पत्र लिखकर कंपनी में कामबंद हड़ताल करने की चेतावनी दी थी। सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों को त्रिपक्षीय वार्ता चलने की जानकारी भी दी थी। कहा कि अगर हड़ताल की जाती है तो राज्य में लागू उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों के खिलाफ है। कहा कि श्रमिकों ने उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। उन्होंने एसएसपी से कानूनी कार्रवाई की मांग की।