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Udham Singh Nagar News: नजूल भूमि पर रह रहे निर्धन परिवारों के मालिकाना हक पर निशुल्क हो स्टांप ड्यूटी
Sat, 14 Mar 2026 12:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:49 AM IST
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रुद्रपुर। गैरसैंण में बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को विधायक शिव अरोरा ने सीएम को मांगपत्र सौंपा। उन्होंने नजूल भूमि पर निवासरत अति निर्धन परिवारों के रजिस्टर्ड मालिकाना हक पर स्टांप डयूटी को निशुल्क करने की मांग की।
विधायक ने बताया कि रुद्रपुर क्षेत्र का अधिकतर भाग नजूल भूमि पर बसा हुआ है। लगभग 20 हजार से अधिक मलिन बस्ती के लोग नजूल पर निवासरत हैं। वर्षों से रह रहे लोगों को मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था। उनके अनुरोध पर सीएम ने नजूल नीति में संशोधन कर वर्ष 2023 में नजूल भूमि पर काबिज आर्थिक रूप से कमजोर (50 वर्ग मीटर के भूखंड पर निवासरत) परिवारों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इसमें लगभग 3500 परिवारों को नजूल पर मालिकाना हक दिया जा चुका है। बताया कि जिन परिवारों को मालिकाना हक का प्रमाणपत्र दिया जा चुका है उनको अभी तक रजिस्टर्ड मालिकाना हक प्राप्त नहीं हुआ है। जिसका कारण स्टांप डयूटी का बहुत अधिक होना है। विधायक ने बताया कि 50 वर्ग मीटर भूखंड पर निवासरत अति निर्धन परिवार पर एक लाख की स्टांप डयूटी लग रही है। जिस धनराशि को अदा करने की क्षमता गरीब परिवारों की नहीं है। इसलिए नजूल पर बसे अति निर्धन परिवारों को मालिकाना दिये जाने के लिए स्टांप डयूटी को निशुल्क करना उचित होगा।
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विधायक ने बताया कि रुद्रपुर क्षेत्र का अधिकतर भाग नजूल भूमि पर बसा हुआ है। लगभग 20 हजार से अधिक मलिन बस्ती के लोग नजूल पर निवासरत हैं। वर्षों से रह रहे लोगों को मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था। उनके अनुरोध पर सीएम ने नजूल नीति में संशोधन कर वर्ष 2023 में नजूल भूमि पर काबिज आर्थिक रूप से कमजोर (50 वर्ग मीटर के भूखंड पर निवासरत) परिवारों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इसमें लगभग 3500 परिवारों को नजूल पर मालिकाना हक दिया जा चुका है। बताया कि जिन परिवारों को मालिकाना हक का प्रमाणपत्र दिया जा चुका है उनको अभी तक रजिस्टर्ड मालिकाना हक प्राप्त नहीं हुआ है। जिसका कारण स्टांप डयूटी का बहुत अधिक होना है। विधायक ने बताया कि 50 वर्ग मीटर भूखंड पर निवासरत अति निर्धन परिवार पर एक लाख की स्टांप डयूटी लग रही है। जिस धनराशि को अदा करने की क्षमता गरीब परिवारों की नहीं है। इसलिए नजूल पर बसे अति निर्धन परिवारों को मालिकाना दिये जाने के लिए स्टांप डयूटी को निशुल्क करना उचित होगा।
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