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जनजाति आयोग उपाध्यक्ष ने खटीमा, सितारगंज में भूमि की हो रही 143 कार्रवाई की ली जानकारी
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खटीमा में एसडीएम कार्यालय में एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट से जानकारी लेते जनजाति आयोग उपाध्यक्ष प
- फोटो : KHATIMA
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खटीमा। जनजाति (एसटी) आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा शुक्रवार को यहां पहुंचे। उन्होंने आयोग के सदस्यों एवं पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से भू उपयोग बदलने संबंधी जानकारियां लीं। आयोग के उपाध्यक्ष गोरखा ने पहाड़ से हो रहे पलायन एवं जनजाति के उत्पीड़न पर चिंता जताई। उन्होंने निवास प्रमाणपत्र बनाने में हो रही परेशानी को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
एसटी आयोग के उपाध्यक्ष गोरखा ने जातिगत उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए कहा। तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान उन्होंने चंपावत, धारी तहसील और टनकपुर कोतवाली का भी निरीक्षण किया। कोतवाली खटीमा के एक मामले में हुई कार्रवाई पर गोरखा ने संतोष जताया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र से हो रहे पलायन एवं एससी वर्ग की 62 नाली भूमि पर होटल, रिजॉर्ट के लिए रजिस्ट्री को गलत बता इस पर चिंता जताई।
उन्होंने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट से खटीमा एवं सितारगंज तहसील क्षेत्र की स्थिति भी पूछी। गोरखा ने एसडीएम, तहसीलदार, आरके नाजरात, पूर्ति निरीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जनजाति आयोग के सदस्य मोहन मेहर (मन्नू), अंजू सिंह, आरके नरेंद्र गहतोड़ी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध, नरेश कुमार आदि थे।
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एसटी आयोग के उपाध्यक्ष गोरखा ने जातिगत उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए कहा। तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान उन्होंने चंपावत, धारी तहसील और टनकपुर कोतवाली का भी निरीक्षण किया। कोतवाली खटीमा के एक मामले में हुई कार्रवाई पर गोरखा ने संतोष जताया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र से हो रहे पलायन एवं एससी वर्ग की 62 नाली भूमि पर होटल, रिजॉर्ट के लिए रजिस्ट्री को गलत बता इस पर चिंता जताई।
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उन्होंने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट से खटीमा एवं सितारगंज तहसील क्षेत्र की स्थिति भी पूछी। गोरखा ने एसडीएम, तहसीलदार, आरके नाजरात, पूर्ति निरीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जनजाति आयोग के सदस्य मोहन मेहर (मन्नू), अंजू सिंह, आरके नरेंद्र गहतोड़ी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध, नरेश कुमार आदि थे।
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