{"_id":"63a1fa46bc51673a3a1ebe3b","slug":"ssb-is-protecting-the-country-s-international-borders-nehra-sitarganj-news-hld4859650182","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा कर रही एसएसबी : नेहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा कर रही एसएसबी : नेहरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितारगंज। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का 59वां स्थापना दिवस मंगलवार को 57वीं वाहिनी सितारगंज में धूमधाम से मनाया गया। 57वीं वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार नेहरा ने कहा कि देशभर में एसएसबी की कुल 73 वाहिनियां हैं जो देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एसएसबी का गठन भारत-चीन युद्ध के दौरान हुआ था। एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में राष्ट्र प्रेम की भावना पैदा करने का भी बखूबी काम किया था।
स्थापना दिवस पर वाहिनी के जवानों ने खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वाहिनी ने अपने समकक्ष उत्तराखंड पुलिस, उत्तराखंड प्रशासन, कस्टम विभाग, वन विभाग, बीएसएफ, सीआरपीएफ आदि सहयोगी संगठनों के सदस्यों को मिठाई बांटी।
वाहिनी के कमांडेंट नेहरा ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद वन बॉर्डर वन फोर्स के तहत एसएसबी को सशस्त्र सीमा बल के नाम से गृह मंत्रालय के अंतर्गत 2001 में 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल व 2004 में 699 किलोमीटर लंबी भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमा का कार्यभार सौंपा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थापना दिवस पर वाहिनी के जवानों ने खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वाहिनी ने अपने समकक्ष उत्तराखंड पुलिस, उत्तराखंड प्रशासन, कस्टम विभाग, वन विभाग, बीएसएफ, सीआरपीएफ आदि सहयोगी संगठनों के सदस्यों को मिठाई बांटी।
विज्ञापन
वाहिनी के कमांडेंट नेहरा ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद वन बॉर्डर वन फोर्स के तहत एसएसबी को सशस्त्र सीमा बल के नाम से गृह मंत्रालय के अंतर्गत 2001 में 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल व 2004 में 699 किलोमीटर लंबी भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमा का कार्यभार सौंपा गया।
विज्ञापन