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टिकट वितरण से काशीपुर, गदरपुर, नानकमत्ता और किच्छा में असंतोष

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 01:15 AM IST
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Some BJP leaders are Not satisfied
ऊषा चौधरी, मेयर काशीपुर (भाजपा नेता)। - फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। टिकट वितरण के साथ ही जिले की चार सीटों पर भाजपाइयों में असंतोष फैल गया है। काशीपुर, गदरपुर, नानकमत्ता और किच्छा के भाजपाई प्रत्याशी को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। काशीपुर में दूसरे खेमे के भाजपाई आज नगर के एक होटल में बैठक कर रणनीति बनाएंगे। प्रत्याशी बदलवाने को लेकर जोर आजमाइश करने की चर्चा भी दबी जुबान शुरू हो गई है।
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काशीपुर विधानसभा सीट से भाजपा ने विधायक पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि टिकट के लिए प्रबल दावेदारों में मेयर ऊषा चौधरी, राम मेहरोत्रा, गुरविंदर सिंह चंडोक आदि नेता भी थे। बृहस्पतिवार को भाजपा हाईकमान ने विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। घोषणा के बाद से विधायक खेमे में तो जश्न का माहौल दिखाई दिया, लेकिन टिकट के अन्य दावेदारों के चेहरे मुर्झा गए। पार्टी की इस कार्रवाई को लेकर कई दावेदार आश्चर्य में पड़ गए। बृहस्पतिवार को किसी ने कुछ नहीं कहा, लेकिन शुक्रवार को असंतोष की जड़ें सुबह से ही फूटनी शुरू हो गईं।
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टिकट के पूर्व दावेदारों ने आपस में बातचीत की। इस दौरान अधिकांश दावेदारों ने टिकट वितरण प्रणाली को लेकर सवाल उठाए और शाम होते-होते तय हो गया कि शनिवार सुबह 11:00 बजे से नगर के एक होटल में दावेदारों की एक बैठक होगी। इस बैठक में अन्य पहलुओं के साथ-साथ टिकट बदलवाने के पहलू पर भी चर्चा की जाएगी। असंतोष का मुख्य कारण विधायक चीमा के पुत्र त्रिलोक का पार्टी में नया होना बताया जा रहा है।
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भाजपा सूत्रों के अनुसार त्रिलोक के पिता हरभजन सिंह चीमा भले ही भाजपा से 20 साल तक विधायक रहे हैं, लेकिन अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर हाल ही में पार्टी ज्वाइन करने वाले को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। जिताऊ और एकमात्र मजबूत सिख प्रत्याशी की बात तो की जा रही है, लेकिन असंतुष्टों का कहना है कि इसका विकल्प सिर्फ त्रिलोक सिंह चीमा नहीं थे। किसी अन्य दावेदार पर भी भाजपा दांव खेल सकती थी, लेकिन उन्होंने त्रिलोक सिंह चीमा को ही अपना प्रत्याशी बनाया जिसको लेकर भाजपाइयों में असंतोष है। मेयर ऊषा चौधरी त्रिलोक को टिकट मिलने से पहले स्वयं को जिताऊ और मजबूत प्रत्याशी मानकर चल रही थीं। ऊषा ने इस बार विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांगा था और अपने टिकट को लेकर वह आशान्वित भी थीं, लेकिन कटने के बाद ऊषा अब फिर से बगावत के मूड में हैं।
शुक्रवार को उनकी ओर से नामांकन के सेट खरीद लिए गए हैं। चर्चा है कि ऊषा ने टिकट के लिए कांग्रेस में भी एप्रोच की है। हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं के तत्काल बाद उनका बायोडाटा सीईसी कमेटी के सामने पहुंच गया है लेकिन अभी कांग्रेेस खेमे की ओर से किसी तरह का सकारात्मक सिग्नल नहीं मिला है। मेयर ने पर्चा लेने की बात को सही बताया, लेकिन कांग्रेस में जाने की बात को उन्होंने पूरी तरह से निराधार कहा। उन्होंने कहा कि इस तरह की बात वह अपने मन भी नहीं लाई हैं।
ऊषा चौधरी के पति हेमेंद्र चौधरी ने कांग्रेस में एप्रोच करने के संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चर्चा यह भी है कि भाजपा के असंतुष्ट नेताओं के सहयोग से मेयर ऊषा चौधरी काशीपुर सीट से निर्दलीय भी ताल ठोंक सकती हैं। ऊषा के समर्थक बाकी संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। राम मेहरोत्रा और बलराज पासी को भी उम्मीद थी कि पार्टी उन पर ही विश्वास जताएगी। गुरविंदर सिंह चंडोक सिख होने के नाते यह मानकर चल रहे थे कि अगर हरभजन सिंह चीमा को टिकट नहीं मिलेगा तो अगला नंबर गुरविंदर सिंह चंडोक का ही होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
कोट
त्रिलोक को टिकट दिए जाने से कार्यकर्ता व्यथित हैं। अपना सम्मान बनाये रखने के लिए कोई कठोर निर्णय भी ले सकते हैं। विधायक हरभजन सिंह चीमा के बेटे को टिकट देने में पार्टी से गलती हो गई है। टिकट वितरण पर चर्चा के लिए आज बैठक बुलाई गई है।
- राम मेहरोत्रा।
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यह सभी अफवाहें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। असंतोष होना स्वाभाविक है। जब किसी को उम्मीद होती है और टिकट नहीं मिल पाता है तो एक-दो दिन असंतोष रहता है। बाद में आदमी सामान्य हो जाता है। यह अच्छी बात है कि आज भाजपाई बैठक करने वाले हैं। सब मिलकर हमारे साथ आएंगे। कोई कहीं नहीं जाएगा। सब मिलकर बेटे को चुनाव लड़ाएंगे। हमने किसी का कोई विरोध नहीं किया। यह तो पार्टी की नेशनल पॉलिसी थी कि तराई में एक मजबूत सिख को टिकट दिया जाना था। इस क्षेत्र में लंबा इतिहास बीजेपी के साथ मेरा था। टिकट इसलिए दिया गया है न कि बेटे को देख कर दिया गया है।
-हरभजन सिंह चीमा, विधायक काशीपुर।
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आज होटल में जुटेंगे असंतुष्ट कार्यकर्ता
काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक चीमा को भाजपा का टिकट दिए जाने से आहत अन्य दावेदार एकजुट होने लगे हैं। इस संबंध में आगामी रणनिति तय करने के लिए शनिवार सुबह 10 बजे बाजपुर रोड स्थित होटल गौतमी हाइट्स में बैठक बुलाई गई है। भाजपा नेता राम मेहरोत्रा ने बताया कि बैठक में कार्यकर्ता आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। राम मेहरोत्रा का कहना है कि त्रिलोक को टिकट दिए जाने से कार्यकर्ता व्यथित हैं और अपना सम्मान बनाए रखने के लिए कोई कठोर निर्णय भी ले सकते हैं। संवाद

काशीपुर सीट से टिकट कटने से मैं व्यथित हूं। नामांकन पत्र खरीद लिया है। सहयोगियों से चर्चा कर कोई फैसला लूंगी। कांग्रेस में जाने की चर्चा निराधार है। -ऊषा चौधरी, मेयर काशीपुर।
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