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Udham Singh Nagar News: क्रिप्टो से मुनाफे के लालच देकर सॉफ्वेयर इंजीनियर को लगाया 27.70 लाख का चूना
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रुद्रपुर। क्रिप्टो में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने साॅफ्टवेयर इंजीनियर को जाल में फंसा लिया। इंजीनियर ने निवेश के नाम पर 27.70 लाख रुपये गंवा दिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
नैनीताल के रामनगर स्थित ज्वाला लाइन निवासी उत्कर्ष बंसल ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें कहा कि वह स्वीगी कंपनी में साॅफ्टवेयर इंजीनियर है और वर्क फ्रॉम होम करता है। उत्कर्ष के अनुसार 30 दिसंबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर ऑनलाइन रिव्यू करने को लेकर मैसेज आया था। लिंक पर क्लिक करने पर उन्हें टेलीग्राम पर यूजर आईडी दी गई। टेलीग्राम में संपर्क करने पर एक युवती के नाम की आईडी खुली और उसने खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी की रिसेप्शनिस्ट बताया।
उनकी बातों में आकर उसने ट्रेडिंग के लिए सहमति दे दी। इस पर उसे लिंक से एक ग्रुप में जोड़कर निवेश में लाभ-हानि की जानकारी दी गई। उसे लिंक भेजकर क्रिप्टो से संबंधित एप्लिकेशन डाउनलोड करवाई गई और फिर अकाउंट खोला गया। ग्रुप में चल रही लाभ-हानि की चैटिंग देखने के बाद उसने निवेश करना तय किया था। शॉर्ट टर्म में लाभ के लालच में उसने 31 दिसंबर से दो जनवरी तक 27,70,723 रुपये विभिन्न खातों में जमा किए। इस पर उनको 40 लाख रुपये से अधिक का मुनाफा दिखाया गया। उन्होंने 40 लाख रुपये निकालने के लिए आवेदन किया तो उनसे रिफंड फीस मांगी गई थी। इस पर उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर साइबर ठगों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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नैनीताल के रामनगर स्थित ज्वाला लाइन निवासी उत्कर्ष बंसल ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें कहा कि वह स्वीगी कंपनी में साॅफ्टवेयर इंजीनियर है और वर्क फ्रॉम होम करता है। उत्कर्ष के अनुसार 30 दिसंबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर ऑनलाइन रिव्यू करने को लेकर मैसेज आया था। लिंक पर क्लिक करने पर उन्हें टेलीग्राम पर यूजर आईडी दी गई। टेलीग्राम में संपर्क करने पर एक युवती के नाम की आईडी खुली और उसने खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी की रिसेप्शनिस्ट बताया।
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उनकी बातों में आकर उसने ट्रेडिंग के लिए सहमति दे दी। इस पर उसे लिंक से एक ग्रुप में जोड़कर निवेश में लाभ-हानि की जानकारी दी गई। उसे लिंक भेजकर क्रिप्टो से संबंधित एप्लिकेशन डाउनलोड करवाई गई और फिर अकाउंट खोला गया। ग्रुप में चल रही लाभ-हानि की चैटिंग देखने के बाद उसने निवेश करना तय किया था। शॉर्ट टर्म में लाभ के लालच में उसने 31 दिसंबर से दो जनवरी तक 27,70,723 रुपये विभिन्न खातों में जमा किए। इस पर उनको 40 लाख रुपये से अधिक का मुनाफा दिखाया गया। उन्होंने 40 लाख रुपये निकालने के लिए आवेदन किया तो उनसे रिफंड फीस मांगी गई थी। इस पर उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर साइबर ठगों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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