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जनऔषधि केंद्रों में दवाइयों की किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sun, 20 Aug 2017 12:38 AM IST
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रुद्रपुर। जिले में केंद्र सरकार की योजना के तहत मरीजों को सस्ती दवा मुहैया कराने के लिए खोले गए प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र बंद होने के कगार पर हैं। जिलेभर में संचालित 10 केंद्रों पर दवाइयां न आने के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। उन्हें मजबूरन महंगे दामों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। पिछले वर्ष केंद्र सरकार की योजना के तहत यूएस नगर में 10 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले गए थे।
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योजना के तहत मरीजों को उच्च गुणवत्ता के साथ सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन एक वर्ष गुजरने के बाद जनऔषधि केंद्र बंद होने की कगार पर हैं। रुद्रपुर में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र के संचालक शशांक गर्ग ने बताया कि तीन माह से दवाई न आने से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। किच्छा के केंद्र संचालक प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि समय पर दवाई न आने के कारण कोर्स के तहत नियमित दवा खाने वाले मरीजों को समस्या हो रही है। वहीं काशीपुर के केंद्र संचालक मोहित विश्नोई ने बताया कि इस बारे कई बार देहरादून पत्र भेजा गया है लेकिन दवा की आपूर्ति नहीं हो सकी है। केंद्र संचालकों का कहना है कि समय पर दवा नहीं आई तो उन्हें मजबूरन केंद्र बंद करने पड़ेंगे।
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मरीजों ने कहा ऐसे तो बंद कर दिए जाए केंद्र
रुद्रपुर। केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रों पर दवाई न आने से खफा मरीजों ने सरकार की योजना पर नाराजगी जताई। ग्रामीण क्षेत्र से रुद्रपुर केंद्र पर दवा लेने पहुंचे तजिंदर सिंह ने कहा कि सस्ती दवा देने की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं मधुमेह की दवा लेने पहुंचे पंकज ओझा ने बताया कि जो दवा उन्हें बाजार में 200 रुपये में मिलती थी, वह जनऔषधि केंद्र पर 30 रुपये में मिल जाती थी लेकिन अब दवा न आने से उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
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केंद्र पर रैबीज के सस्ते टीके भी खत्म
रुद्रपुर। कुत्ते के काटने के बाद लगने वाले रैबीज के इंजेक्शन भी केंद्र पर खत्म हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि जिला अस्पताल में भी रैबीज के टीके पिछले पांच माह से नहीं आए हैं। अब ऐसे में मजबूरन लोगों को महंगे दामों पर टीके खरीदने पड़ रहे है। जो रैबीज के टीके 300 से लेकर 500 तक निजी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं, वही टीके जनऔषधि केंद्र पर 240 में मिल रहे थे।