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Udham Singh Nagar News: कर्मचारियों की कमी से पानी मांग रहीं योजनाएं
Mon, 29 Jan 2024 02:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 29 Jan 2024 02:38 AM IST
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रुद्रपुर। पेयजल निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों के 66 फीसदी पद खाली हैं। विभाग में दो एई और पांच जेई के पद लंबे समय से रिक्त हैं। कर्मचारियों के 25 पदों के सापेक्ष सिर्फ चार ही कार्यरत हैं। इस कारण विकास योजनाओं की रफ्तार धीमी होने के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ लदा है।
जल जीवन मिशन और नमामि गंगे योजना के तहत ऊधमसिंह नगर में 904 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं। इसका जिम्मा पेयजल निगम के पास है। मिशन के तहत जिले में 80 फीसदी काम हो गया है। एक महीने के भीतर यानि फरवरी 2024 तक शेष बचे 20 फीसदी काम पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं नमामि गंगे योजना के तहत नदियों को स्वच्छ बनाने के लिए जिले में चल रहे सीवर ट्रीटमेंट के काम 45 फीसदी ही पूरे हो पाए हैं। दिसंबर 2024 तक शेष काम को पूरा करना है।
-- -- -- - इनसेट
रिक्त पदों का विवरण
पेयजल निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों के 42 पदों में से 28 पद रिक्त हैं। सहायक अभियंता के चार पदों में दो पद खाली हैं। अपर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के 12 स्वीकृत पदों में से पांच खाली है। संगणक, मंडलीय लेखाकार और प्रधान सहायक के एक-एक पद खाली हैं। कनिष्ठ सहायक के दोनों स्वीकृत पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पांच में से पांच और नियमित फिल्ड कर्मचारियों के 12 में से 11 पद खाली पड़े हैं।
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एडीबी को काम देने से पेयजल निगम कर्मी नाराज
रुद्रपुर। जिले में पेयजल और सीवर के कामों का जिम्मा निर्माण शाखा पेयजल निगम के पास है। सीवर और पेयजल से जुड़े नए कार्य एशियन डेवलपमेंट बैंक को दिए जाने का पेयजल निगम कर्मी विरोध कर रहे हैं। जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक बीसी जोशी का कहना है कि विभागीय कर्मचारी अतिरिक्त कार्य कर योजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सरकार नए कार्य निजी हाथों को सौंप रही है जो अधिकारियों, कर्मचारियों और विभाग के हितों के खिलाफ है। पेयजल निगम की ईई ज्योति पालनी का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती उच्च स्तर से होती है।
जल जीवन मिशन और नमामि गंगे योजना के तहत ऊधमसिंह नगर में 904 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं। इसका जिम्मा पेयजल निगम के पास है। मिशन के तहत जिले में 80 फीसदी काम हो गया है। एक महीने के भीतर यानि फरवरी 2024 तक शेष बचे 20 फीसदी काम पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं नमामि गंगे योजना के तहत नदियों को स्वच्छ बनाने के लिए जिले में चल रहे सीवर ट्रीटमेंट के काम 45 फीसदी ही पूरे हो पाए हैं। दिसंबर 2024 तक शेष काम को पूरा करना है।
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रिक्त पदों का विवरण
पेयजल निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों के 42 पदों में से 28 पद रिक्त हैं। सहायक अभियंता के चार पदों में दो पद खाली हैं। अपर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के 12 स्वीकृत पदों में से पांच खाली है। संगणक, मंडलीय लेखाकार और प्रधान सहायक के एक-एक पद खाली हैं। कनिष्ठ सहायक के दोनों स्वीकृत पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पांच में से पांच और नियमित फिल्ड कर्मचारियों के 12 में से 11 पद खाली पड़े हैं।
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एडीबी को काम देने से पेयजल निगम कर्मी नाराज
रुद्रपुर। जिले में पेयजल और सीवर के कामों का जिम्मा निर्माण शाखा पेयजल निगम के पास है। सीवर और पेयजल से जुड़े नए कार्य एशियन डेवलपमेंट बैंक को दिए जाने का पेयजल निगम कर्मी विरोध कर रहे हैं। जल निगम-जल संस्थान संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक बीसी जोशी का कहना है कि विभागीय कर्मचारी अतिरिक्त कार्य कर योजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सरकार नए कार्य निजी हाथों को सौंप रही है जो अधिकारियों, कर्मचारियों और विभाग के हितों के खिलाफ है। पेयजल निगम की ईई ज्योति पालनी का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती उच्च स्तर से होती है।