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जनश्री बीमा में पकड़ा लाखों का घपला, 12 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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काशीपुर। जीवित को मृत और मृत को जिंदा दिखाकर जनश्री बीमा योजना में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लाखों रुपये के घोटाले का मामला पकड़ में आया है। हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के आलोक में समाज कल्याण विभाग के सचिव ने विभागीय निदेशक को मामले की जांच सौंपी थी। निदेशक की एक सप्ताह की जांच में पोस्ट ऑफिस, समाज कल्याण विभाग, बैंक के कई अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता प्रकाश में आई। एडीओ (समाज कल्याण) ललिता रानी ने काशीपुर कोतवाली में 12 अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वर्ष 2008 में राज्य बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम ने जनश्री बीमा योजना शुरू की थी। इसके तहत बीपीएल परिवार के किसी व्यक्ति की 60 साल की आयु से पहले स्वाभाविक मौत होने पर मृतक आश्रितों को 30 हजार और दुर्घटना में मौत होने पर 75 हजार रुपये का भुगतान करने का प्रावधान था। यह राशि मृतक के आश्रितों को उसकी मृत्यु के एक वर्ष की अवधि में देनी होती थी। एलआईसी इस राशि को मृतक आश्रितों के बैंक या डाकघर खातों में भेजता था। योजना में केंद्र और राज्य सरकार का बराबर अंशदान था।
2008 में दर्ज हुई थी हाईकोर्ट में याचिका
वर्ष 2008 में जनश्री बीमा योजना में फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाते हुए फिरोजपुर निवासी रामकिशोर ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका के क्रम में सचिव समाज कल्याण ने 10 जुलाई 2019 को समाज कल्याण विभाग के निदेशक को इस मामले में जांच अधिकारी नामित किया था। निदेशक ने जांच पूरी करने के बाद 17 जुलाई (बुधवार) को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की जिसके बाद 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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निदेशक की जांच में ये खुलासे हुए
निदेशक की जांच में पाया गया कि एक ही गांव में कई व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस योजना का लाभ प्राप्त कर लिया। फर्जी आश्रितों के नाम बैंकों और डाकघरों में खाते खुलवाकर लाखों रुपये की रकम हड़प ली गई। बैंकों और डाकघरों के प्रबंधकों ने भी पड़ताल किए बगैर ही खाते खोल दिए। जांच में दस्तावेजों पर मृतकों के आश्रितों के हस्ताक्षर, मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकलें भी फर्जी पाईं गईं। इस मामले में आवेदन पत्रों की जांच करने वाले कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद पाई गई।
इन्हें किया गया है नामजद
तत्कालीन वीडीओ फिरोजपुर गिरवर सिंह, एडीओ (समाज कल्याण) परमवीर सिंह, कनिष्ठ लिपिक राज्य बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम राजेंद्र कुमार, पोस्ट मास्टर मुख्य डाकघर रुद्रपुर प्रेम प्रकाश, पोस्ट मास्टर प्रधान डाकघर काशीपुर बीसी पांडे, पोस्ट मास्टर कुंडेश्वरी बीसी तिवारी, पोस्ट मास्टर धनौरी निर्मला देवी, पोस्ट मास्टर किला स्ट्रीट अंजू गुप्ता, शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) काशीपुर अजय कुमार श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक एसबीआई (एडीबी ब्रांच) वीरेंद्र कुमार जोशी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी एलआईसी चंद्र प्रकाश घिल्डियाल, रामवती।
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वर्ष 2008 में राज्य बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम ने जनश्री बीमा योजना शुरू की थी। इसके तहत बीपीएल परिवार के किसी व्यक्ति की 60 साल की आयु से पहले स्वाभाविक मौत होने पर मृतक आश्रितों को 30 हजार और दुर्घटना में मौत होने पर 75 हजार रुपये का भुगतान करने का प्रावधान था। यह राशि मृतक के आश्रितों को उसकी मृत्यु के एक वर्ष की अवधि में देनी होती थी। एलआईसी इस राशि को मृतक आश्रितों के बैंक या डाकघर खातों में भेजता था। योजना में केंद्र और राज्य सरकार का बराबर अंशदान था।
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2008 में दर्ज हुई थी हाईकोर्ट में याचिका
वर्ष 2008 में जनश्री बीमा योजना में फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाते हुए फिरोजपुर निवासी रामकिशोर ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका के क्रम में सचिव समाज कल्याण ने 10 जुलाई 2019 को समाज कल्याण विभाग के निदेशक को इस मामले में जांच अधिकारी नामित किया था। निदेशक ने जांच पूरी करने के बाद 17 जुलाई (बुधवार) को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की जिसके बाद 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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निदेशक की जांच में ये खुलासे हुए
निदेशक की जांच में पाया गया कि एक ही गांव में कई व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस योजना का लाभ प्राप्त कर लिया। फर्जी आश्रितों के नाम बैंकों और डाकघरों में खाते खुलवाकर लाखों रुपये की रकम हड़प ली गई। बैंकों और डाकघरों के प्रबंधकों ने भी पड़ताल किए बगैर ही खाते खोल दिए। जांच में दस्तावेजों पर मृतकों के आश्रितों के हस्ताक्षर, मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकलें भी फर्जी पाईं गईं। इस मामले में आवेदन पत्रों की जांच करने वाले कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेहास्पद पाई गई।
इन्हें किया गया है नामजद
तत्कालीन वीडीओ फिरोजपुर गिरवर सिंह, एडीओ (समाज कल्याण) परमवीर सिंह, कनिष्ठ लिपिक राज्य बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम राजेंद्र कुमार, पोस्ट मास्टर मुख्य डाकघर रुद्रपुर प्रेम प्रकाश, पोस्ट मास्टर प्रधान डाकघर काशीपुर बीसी पांडे, पोस्ट मास्टर कुंडेश्वरी बीसी तिवारी, पोस्ट मास्टर धनौरी निर्मला देवी, पोस्ट मास्टर किला स्ट्रीट अंजू गुप्ता, शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) काशीपुर अजय कुमार श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक एसबीआई (एडीबी ब्रांच) वीरेंद्र कुमार जोशी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी एलआईसी चंद्र प्रकाश घिल्डियाल, रामवती।