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नशे की बढ़ती प्रवृत्ति देश के विकास में बाधक
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काशीपुर में शपथ प्रत्र दिखाती छात्राएं।
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। समाज में तेजी से फैल रही नशे की प्रवृत्ति देश के विकास में बाधक बन रही है। नशे की लत से युवाओं का करियर बर्बाद हो रहा है। यह बात अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम और पुलिस की पाठशाला में कहीं।
कुंडेश्वरी स्थित किसान इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एएसपी डॉ. चंद्र ने कहा कि नशे के आदी होने पर युवा चोरी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि नशे से जहां बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। नशीले पदार्थों की तस्करी से काले धन और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। नशे की तस्करी रोकने में स्कूली बच्चों की अहम भूमिका हो सकती है।
एएसपी ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में बताया कि हेलमेट नहीं पहनने और ईयरफोन लगाकर बाइक चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आसपास होने वाली आपराधिक वारदातों की सूचना डायल 112 पर देने की अपील की।
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कार्यक्रम में कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी ने नशे के कारण होने वाले महिला अपराधों के बारे में बताया। योग शिक्षिका नमिता पंत ने कहा कि महिलाएं खुद में आत्मशक्ति पैदा करें और दूसरी महिलाओं में शक्ति की भावना जगाकर उन्हें भी अपराजिता बनाने में सहयोग करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या डॉ. किरन सिंह ने की। वहां, उपनिरीक्षक जावेद मलिक, महिला बाल कल्याण समिति की चेयरमैन ज्योति अरोरा उप्रेती, झूमा सक्सेना, टीपी पांडेय, संगीता जैन, सीमा शर्मा, नंदा शर्मा, रचना देवी, स्वेता कलकल, जीवन लाल, मनोज कांबोज, नरेंद्र यादव, राकेश राय आदि थे।
कोट
छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति खुद भी जागरूक रहना चाहिए। किसी अजनबी व्यक्ति से अनावश्यक मेलजोल न बढ़ाए और अपना व्यक्तिगत विवरण किसी के साथ साझा न करें। विपत्ति आने पर अपने संबंधियों व पुलिस का सहयोग अवश्य लें।
- खुशबू छात्रा, कक्षा सात।
नारी न बेचारी है और न किसी से हारी है। नारी में अपने अधिकारों के प्रति संघर्ष करने की असीम शक्ति है। हिंदुस्तान की वीरांगनाओं ने नारियों को प्रेरणा दी है। हमें सामाजिक कुप्रथाओं के निवारण की दिशा में भी योगदान करना चाहिए।
- दीक्षा नेगी छात्रा कक्षा 12 बी।
खामोशी से अत्याचार सहन करने वाली महिलाओं में असुरक्षा की भावना अधिक होती है। लिंग भेद से भी महिलाओं में हीन भावना उत्पन्न होती है। महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति कड़े कानून बनाने की आवश्यकता है।
- कोमल, छात्रा कक्षा 11
अमर उजाला की अपराजिता पहल वाकई सराहनीय है। छात्राओं को अपने आसपास होने वाली आपराधिक घटनाओं की जानकारी अपने परिजनों व शिक्षकों को बतानी चाहिए। ताकि समय रहते इन्हें रोका जा सके।
- डॉ. किरन सिंह, प्रधानाचार्या, किसान इंटर कॉलेज।
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कुंडेश्वरी स्थित किसान इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एएसपी डॉ. चंद्र ने कहा कि नशे के आदी होने पर युवा चोरी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि नशे से जहां बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। नशीले पदार्थों की तस्करी से काले धन और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। नशे की तस्करी रोकने में स्कूली बच्चों की अहम भूमिका हो सकती है।
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एएसपी ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में बताया कि हेलमेट नहीं पहनने और ईयरफोन लगाकर बाइक चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आसपास होने वाली आपराधिक वारदातों की सूचना डायल 112 पर देने की अपील की।
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कार्यक्रम में कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी ने नशे के कारण होने वाले महिला अपराधों के बारे में बताया। योग शिक्षिका नमिता पंत ने कहा कि महिलाएं खुद में आत्मशक्ति पैदा करें और दूसरी महिलाओं में शक्ति की भावना जगाकर उन्हें भी अपराजिता बनाने में सहयोग करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या डॉ. किरन सिंह ने की। वहां, उपनिरीक्षक जावेद मलिक, महिला बाल कल्याण समिति की चेयरमैन ज्योति अरोरा उप्रेती, झूमा सक्सेना, टीपी पांडेय, संगीता जैन, सीमा शर्मा, नंदा शर्मा, रचना देवी, स्वेता कलकल, जीवन लाल, मनोज कांबोज, नरेंद्र यादव, राकेश राय आदि थे।
कोट
छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति खुद भी जागरूक रहना चाहिए। किसी अजनबी व्यक्ति से अनावश्यक मेलजोल न बढ़ाए और अपना व्यक्तिगत विवरण किसी के साथ साझा न करें। विपत्ति आने पर अपने संबंधियों व पुलिस का सहयोग अवश्य लें।
- खुशबू छात्रा, कक्षा सात।
नारी न बेचारी है और न किसी से हारी है। नारी में अपने अधिकारों के प्रति संघर्ष करने की असीम शक्ति है। हिंदुस्तान की वीरांगनाओं ने नारियों को प्रेरणा दी है। हमें सामाजिक कुप्रथाओं के निवारण की दिशा में भी योगदान करना चाहिए।
- दीक्षा नेगी छात्रा कक्षा 12 बी।
खामोशी से अत्याचार सहन करने वाली महिलाओं में असुरक्षा की भावना अधिक होती है। लिंग भेद से भी महिलाओं में हीन भावना उत्पन्न होती है। महिलाओं से संबंधित अपराधों के प्रति कड़े कानून बनाने की आवश्यकता है।
- कोमल, छात्रा कक्षा 11
अमर उजाला की अपराजिता पहल वाकई सराहनीय है। छात्राओं को अपने आसपास होने वाली आपराधिक घटनाओं की जानकारी अपने परिजनों व शिक्षकों को बतानी चाहिए। ताकि समय रहते इन्हें रोका जा सके।
- डॉ. किरन सिंह, प्रधानाचार्या, किसान इंटर कॉलेज।