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UK: स्टडी वीजा पर रूस में युवक की यूक्रेन में संदिग्ध हालात में मौत, परिजनों का आरोप- धोखे से बंदूक थमाकर...?

Thu, 18 Dec 2025 12:28 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 18 Dec 2025 12:28 PM IST
सार

स्टडी वीजा लेकर रूस में पढ़ाई के लिए गए युवक की यूक्रेन युद्ध में रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। बुधवार को उसका शव शक्तिफार्म लाया गया जहां परिजनों ने नम आंखों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। 

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Russian youth on study visa dies in Ukraine under suspicious circumstances
राकेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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पांच महीने पहले स्टडी वीजा लेकर रूस में पढ़ाई के लिए गए युवक की यूक्रेन युद्ध में रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। बुधवार को उसका शव शक्तिफार्म लाया गया जहां परिजनों ने नम आंखों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। कुशमौठ शक्तिफार्म निवासी राकेश मौर्य (30) पुत्र राजबहादुर सिंह बीते पांच अगस्त को घर से स्टडी वीजा पर रूस गया था। वहां उसे सेंट पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना था लेकिन उसे धोखे से बंदूक थमाकर रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। 30 अगस्त को उसके छोटे भाई से हुई बातचीत में राकेश ने बताया था कि रूसी सेना ने उसका पासपोर्ट और दस्तावेज छीन लिए हैं।

उसके मोबाइल और लैपटॉप से सभी आधिकारिक मेल भी डिलिट कर दिए हैं। इसके बाद रूसी भाषा में लिखे दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर कराकर उसे रूसी सेना की वर्दी थमा दी। फिर उसे यूक्रेन के डोनबास रीज़न में मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। तीन दिन की ट्रेनिंग के बाद उसे यूक्रेन के जंग के मैदान में उतार दिया।

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जानकारी के अनुसार, परिजनों से हुई आखिरी बातचीत के कुछ दिन के बाद ही युद्ध में उसकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि यूक्रेन में बम-ब्लास्ट में उसकी मौत हुई है। इसके बाद उसका पार्थिव शरीर रूस से पहले नई दिल्ली लाया गया फिर उसे शक्तिफार्म के लिए भेजा गया।

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राकेश के भाई ने बताया कि उसने अपने बड़े भाई की सकुशल वापसी के लिए रूस में भारत के दूतावास से संपर्क किया था। वहां उसके साथ हुई घटना की जानकारी दर्ज कराई और उसके सकुशल वापसी की गुहार लगाई थी। उसने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क करने की कोशिश की। बताया कि स्थानीय प्रशासन को भी उसके भाई के लापता होने की जानकारी दी थी। 

बेटे के सकुशल वापसी की उम्मीद हुई चकनाचूर
रूस में बेटे के फंसे होने की खबर मिलने के बाद से ही परिजन बेचैन थे। वह रोजाना भगवान से उसकी सकुशल वापसी की प्रार्थना करते थे लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।

राकेश का परिवार मूल रूप से गुर्जर पलिया, बदायूं (यूपी) का रहने वाला है। कई साल पहले उसका परिवार शक्तिफार्म में आकर बस गया था। उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जीआईसी शक्तिफार्म से की। इसके बाद खटीमा से उसने बीएससी की पढ़ाई की। उसने आईटी डिप्लोमा भी हासिल किया। वह एक निजी कंपनी में कार्यरत था। इसके बाद वह पांच अगस्त को आगे की पढ़ाई के लिए स्टडी वीजा लेकर रूस रवाना हुआ था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। एक भाई बेंगलुरु स्थित कंपनी में कार्यरत है जबकि, छोटा भाई बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।

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