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Udham Singh Nagar News: रुद्रपुर के बड़े किताब कारोबारी भी एसआईटी की रडार पर
Sun, 22 Mar 2026 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:12 AM IST
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रुद्रपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी किताबें खरीदने के तार रुद्रपुर से भी जुड़ने की बात सामने आई है। बड़े किताब कारोबारियों के नाम का इनपुट मिलने पर एसआईटी ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है। गिरोह के सरगना के पकड़े जाने के बाद परतें उधड़नी शुरू हो जाएंगी।
रुद्रपुर के कीतरपुर गांव में मेरठ निवासी संदीप गुप्ता एनसीईआरटी की फर्जी किताबें लाकर सप्लाई कर रहा था। इसकी भनक जब 14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी को लगी तो उन्होंने गोदाम पहुंचकर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात और पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। इस मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरुख पर प्राथमिकी कर चुकी है।
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एसआईटी की 10 सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की जांच में लगी है जिसमें पुलिस अधीक्षक क्राइम जितेंद्र चौधरी व सीओ प्रशांत कुमार भी शामिल हैं। टीम को इनपुट मिला है कि गोदाम से सस्ते दामों पर किताबें रुद्रपुर बाजार में पहुंची हैं। कार्रवाई के बाद दुकानदारों में भी डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि संदीप गुप्ता लो क्वालिटी के पन्ने का प्रयोग इसलिए करता था कि किताबें सस्ते में बेचे तो ज्यादा नुकसान न हो।
- एसआईटी के पास बहुत सारे इनपुट हैं। इस मामले में कुछ नई जानकारी जल्द सामने आएंगी। गिरोह की चैन तोड़ी जाएगी। - जितेंद्र चौधरी, पुलिस अधीक्षक क्राइम
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दुकानों तक किताब पहुंचने का इनपुट मिलने के बाद गोपनीय जांच शुरू
रुद्रपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी किताबों को खरीदने के तार रुद्रपुर से भी जुड़ने की बात सामने आई है। बड़े किताब कारोबारियों के नाम का इनपुट मिलने पर एसआईटी ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है। गिरोह के सरगना के पकड़े जाने के बाद परतें उधड़ना शुरू हो जाएंगी।
रुद्रपुर के कीतरपुर गांव में मेरठ का रहने वाला संदीप गुप्ता एनसीईआरटी की फर्जी किताबें लाकर सप्लाई कर रहा था। इसकी भनक जब 14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी को लगी तो उन्होंने गोदाम पहुंचकर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। 16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात और पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। इस मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरूख पर प्राथमिकी कर चुकी है। एसआईटी की 10 सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की जांच के लिए लगी है। जिसमें एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी व सीओ प्रशांत कुमार भी शामिल हैं। टीम को इनपुट मिला है कि गोदाम से सस्ते दामों पर किताबें रुद्रपुर बाजार में पहुंची हैं। कार्रवाई के बाद दुकानदारों में भी डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि संदीप गुप्ता लो क्वालिटी के पन्ने का प्रयोग इसलिए करता था कि किताबें सस्ते में बेचे तो ज्यादा नुकसान न हो।
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एसआईटी के पास बहुत सारे इनपुट हैं। इस मामले में कुछ नई जानकारी जल्द सामने आएंगी। गिरोह की चैन तोड़ी जाएगी। जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम।
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रुद्रपुर के कीतरपुर गांव में मेरठ निवासी संदीप गुप्ता एनसीईआरटी की फर्जी किताबें लाकर सप्लाई कर रहा था। इसकी भनक जब 14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी को लगी तो उन्होंने गोदाम पहुंचकर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
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16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात और पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। इस मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरुख पर प्राथमिकी कर चुकी है।
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एसआईटी की 10 सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की जांच में लगी है जिसमें पुलिस अधीक्षक क्राइम जितेंद्र चौधरी व सीओ प्रशांत कुमार भी शामिल हैं। टीम को इनपुट मिला है कि गोदाम से सस्ते दामों पर किताबें रुद्रपुर बाजार में पहुंची हैं। कार्रवाई के बाद दुकानदारों में भी डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि संदीप गुप्ता लो क्वालिटी के पन्ने का प्रयोग इसलिए करता था कि किताबें सस्ते में बेचे तो ज्यादा नुकसान न हो।
- एसआईटी के पास बहुत सारे इनपुट हैं। इस मामले में कुछ नई जानकारी जल्द सामने आएंगी। गिरोह की चैन तोड़ी जाएगी। - जितेंद्र चौधरी, पुलिस अधीक्षक क्राइम
दुकानों तक किताब पहुंचने का इनपुट मिलने के बाद गोपनीय जांच शुरू
रुद्रपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी किताबों को खरीदने के तार रुद्रपुर से भी जुड़ने की बात सामने आई है। बड़े किताब कारोबारियों के नाम का इनपुट मिलने पर एसआईटी ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है। गिरोह के सरगना के पकड़े जाने के बाद परतें उधड़ना शुरू हो जाएंगी।
रुद्रपुर के कीतरपुर गांव में मेरठ का रहने वाला संदीप गुप्ता एनसीईआरटी की फर्जी किताबें लाकर सप्लाई कर रहा था। इसकी भनक जब 14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी को लगी तो उन्होंने गोदाम पहुंचकर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। 16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात और पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। इस मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरूख पर प्राथमिकी कर चुकी है। एसआईटी की 10 सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की जांच के लिए लगी है। जिसमें एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी व सीओ प्रशांत कुमार भी शामिल हैं। टीम को इनपुट मिला है कि गोदाम से सस्ते दामों पर किताबें रुद्रपुर बाजार में पहुंची हैं। कार्रवाई के बाद दुकानदारों में भी डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि संदीप गुप्ता लो क्वालिटी के पन्ने का प्रयोग इसलिए करता था कि किताबें सस्ते में बेचे तो ज्यादा नुकसान न हो।
एसआईटी के पास बहुत सारे इनपुट हैं। इस मामले में कुछ नई जानकारी जल्द सामने आएंगी। गिरोह की चैन तोड़ी जाएगी। जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम।