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Udham Singh Nagar News: बाढ़ की स्थिति से बचने के लिए जलाशयों की होगी ड्रेजिंग
Sun, 02 Feb 2025 12:33 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 02 Feb 2025 12:33 AM IST
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रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा है कि वर्षाकाल में जिले के कई क्षेत्रों में जलाशयों और नदियों के रास्ता बदलने से जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे बचाव के लिए जलाशयों और नदियों की ड्रेजिंग (डी-सिल्टिंग) कराई जाएगी।
शनिवार को जिला सभागार में आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी की बैठक लेते हुए कहा कि हरिपुरा, बैगुल, तुमड़िया, धौरा और शारदा जलाशयों की डी-सिल्टिंग की जानी है। इसके लिए संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में ईई सिंचाई, उप निदेशक खनन, उप प्रभागीय वनाधिकारी और तहसीलदार की समिति गठित होगी। समिति सिल्ट का सर्वे मूल्यांकन कर 10 दिन में रिपोर्ट जिला कार्यालय को प्रस्तुत करेगी।
ईई सिंचाई पीके दीक्षित ने बताया कि हरिपुरा जलाशय और बौर जलाशय की जल संचय क्षमता सिल्ट के कारण आधी रह गई है। हरिपुरा, बौर जलाशय एक साथ जुड़े हुए हैं। हरिपुरा जलाशय में पानी पहाड़ों से आता है इसलिए सिल्ट जलाशय में जमा हो जाती है। बौर जलाशय, हरिपुरा जलाशय के डाउन स्टीम मेें है। उसमें सिल्ट कम आती है। हरिपुरा जलाशय और तुमड़िया जलाशय की डी सिल्टिंग आवश्यक है। बैठक में सीडीओ मनीष कुमार, डीएफओ यूसी तिवारी, एडीएम अशोक कुमार जोशी, ओसी खनन मनीष बिष्ट, उप निदेशक खनन अमित गौरव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी आदि मौजूद थे।
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जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाएगा : डीएम
रुद्रपुर। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने कहा है कि जिले को पर्यटन और पेयजल एवं स्वच्छता जलापूर्ति मंत्रालय भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वच्छ और सुंदर बनाया जाना है। इसके लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय स्वच्छता ग्रीन लीफ टेस्टिंग समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पहले चरण में तहसील और ग्राम स्तर पर समितियां गठित कर जनता को जागरूक किया जाना है। शहरी और ग्रामीण स्तर पर होम स्टे, होटल, धर्मशालाओं, गांवों में अतिथि सुविधाओं के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा विकसित करने के साथ ही बेहतर शौचालय की सुविधा, स्वच्छ जल प्रबंधन, ठोस कचरा सुनिश्चित की जानी है। फिर होटल, लॉज, होम स्टे, धर्मशाला और शिविर शौचालय का स्वैच्छिक मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर रेटिंग समिति संस्थानों का प्रमाणन कर रेटिंग (अंक) प्रमाणपत्र देगी। डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य सड़कों के किनारे कूड़ामुक्त करने के लिए निकायों के साथ ही लोनिवि, एनएच, राजस्व अधिकारियों को टीम बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए। 10-10 किमी के पैच बनाकर सफाई अभियान चलाने को कहा। हर पैच के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा। संवाद
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शनिवार को जिला सभागार में आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी की बैठक लेते हुए कहा कि हरिपुरा, बैगुल, तुमड़िया, धौरा और शारदा जलाशयों की डी-सिल्टिंग की जानी है। इसके लिए संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में ईई सिंचाई, उप निदेशक खनन, उप प्रभागीय वनाधिकारी और तहसीलदार की समिति गठित होगी। समिति सिल्ट का सर्वे मूल्यांकन कर 10 दिन में रिपोर्ट जिला कार्यालय को प्रस्तुत करेगी।
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ईई सिंचाई पीके दीक्षित ने बताया कि हरिपुरा जलाशय और बौर जलाशय की जल संचय क्षमता सिल्ट के कारण आधी रह गई है। हरिपुरा, बौर जलाशय एक साथ जुड़े हुए हैं। हरिपुरा जलाशय में पानी पहाड़ों से आता है इसलिए सिल्ट जलाशय में जमा हो जाती है। बौर जलाशय, हरिपुरा जलाशय के डाउन स्टीम मेें है। उसमें सिल्ट कम आती है। हरिपुरा जलाशय और तुमड़िया जलाशय की डी सिल्टिंग आवश्यक है। बैठक में सीडीओ मनीष कुमार, डीएफओ यूसी तिवारी, एडीएम अशोक कुमार जोशी, ओसी खनन मनीष बिष्ट, उप निदेशक खनन अमित गौरव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी आदि मौजूद थे।
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जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाएगा : डीएम
रुद्रपुर। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने कहा है कि जिले को पर्यटन और पेयजल एवं स्वच्छता जलापूर्ति मंत्रालय भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वच्छ और सुंदर बनाया जाना है। इसके लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय स्वच्छता ग्रीन लीफ टेस्टिंग समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पहले चरण में तहसील और ग्राम स्तर पर समितियां गठित कर जनता को जागरूक किया जाना है। शहरी और ग्रामीण स्तर पर होम स्टे, होटल, धर्मशालाओं, गांवों में अतिथि सुविधाओं के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा विकसित करने के साथ ही बेहतर शौचालय की सुविधा, स्वच्छ जल प्रबंधन, ठोस कचरा सुनिश्चित की जानी है। फिर होटल, लॉज, होम स्टे, धर्मशाला और शिविर शौचालय का स्वैच्छिक मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर रेटिंग समिति संस्थानों का प्रमाणन कर रेटिंग (अंक) प्रमाणपत्र देगी। डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य सड़कों के किनारे कूड़ामुक्त करने के लिए निकायों के साथ ही लोनिवि, एनएच, राजस्व अधिकारियों को टीम बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए। 10-10 किमी के पैच बनाकर सफाई अभियान चलाने को कहा। हर पैच के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा। संवाद