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Ramlila: किरदार एक, कलाकार अनेक...सबके अपने-अपने राम
Thu, 19 Oct 2023 05:16 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 19 Oct 2023 05:16 PM IST
सार
राम एक ही हैं पर सब उन्हें अलग-अलग नजर से देखते हैं। हमने ऊधमसिंह नगर जिले की विभिन्न रामलीलाओं में राम का किरदार निभा रहे युवाओं से उनके जीवन में कौशल्या नंदन के महत्व के बारे में जाना।
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रामलीला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हमारे देश की एकता के सूत्रधार है। कोई उन्हें आदर्श बेटा, कोई भाई, कोई पति तो कोई आदर्श राजा मानता है। दशरथ के राम अलग हैं, सबरी के राम अलग है। वाल्मीकि, तुलसी से लेकर महात्मा गांधी तक ने राम को अपने-अपने नजरिये से देखा है। राम एक ही हैं पर सब उन्हें अलग-अलग नजर से देखते हैं। हमने ऊधमसिंह नगर जिले की विभिन्न रामलीलाओं में राम का किरदार निभा रहे युवाओं से उनके जीवन में कौशल्या नंदन के महत्व के बारे में जाना।
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रुद्रपुर में राम की भूमिका निभाने वाले मनोज अरोरा।
- फोटो : अमर उजाला
रुद्रपुर में रामलीला का मंचन
रुद्रपुर की रामलीला में राम की भूमिका निभाने वाले मनोज अरोरा कहते हैं कि राम जैसा पितृ भक्त दुनिया में कोई दूसरा नहीं है। मनोज कहते हैं कि रामलीला में किरदार निभाते समय वह अपनी दिनचर्या भी उन्हीं की तरह कर लेते हैं। रामलीला के 12 दिनों तक वह सात्विक रहते हैं, इसके साथ ही वह अपने घर में जमीन पर सोते हैं। हर चीज का त्याग कर देते हैं। प्रभु राम के चरित्र के आचरण व उनकी बोल चाल की छाया उन पर आ जाती है। रामलीला के एक माह पहले से ही वह भगवान राम की तरह निष्ठा और मर्यादा का पालन करते हैं।
रुद्रपुर की रामलीला में राम की भूमिका निभाने वाले मनोज अरोरा कहते हैं कि राम जैसा पितृ भक्त दुनिया में कोई दूसरा नहीं है। मनोज कहते हैं कि रामलीला में किरदार निभाते समय वह अपनी दिनचर्या भी उन्हीं की तरह कर लेते हैं। रामलीला के 12 दिनों तक वह सात्विक रहते हैं, इसके साथ ही वह अपने घर में जमीन पर सोते हैं। हर चीज का त्याग कर देते हैं। प्रभु राम के चरित्र के आचरण व उनकी बोल चाल की छाया उन पर आ जाती है। रामलीला के एक माह पहले से ही वह भगवान राम की तरह निष्ठा और मर्यादा का पालन करते हैं।
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काशीपुर में राम का किरदार निभाने वाले गगन चावला।
- फोटो : अमर उजाला
श्री राम तो मर्यादा पुरुषोत्तम हैं : गगन
काशीपुर में पंजाबी श्रीराम लीला में राम का किरदार निभाने वाले गगन चावला खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। वह करीब दो दशक से भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। कहते हैं कि राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। वह आदर्श पुत्र और आदर्श भाई हैं। अहिल्या उद्धार और वानरराज सुग्रीव की पत्नी को बाली के चंगुल से छुड़ाकर उन्होंने नारी सम्मान के लिए हर मुश्किल पार करने का उदाहरण दिया। भगवान राम के किरदार को निभाते हुए उनकी विचारधारा और बुद्धिमता जीवन को प्रभावित करते हैं। भगवान राम का सदाचरण जीवन में घुलमिल जाता है।
काशीपुर में पंजाबी श्रीराम लीला में राम का किरदार निभाने वाले गगन चावला खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। वह करीब दो दशक से भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। कहते हैं कि राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। वह आदर्श पुत्र और आदर्श भाई हैं। अहिल्या उद्धार और वानरराज सुग्रीव की पत्नी को बाली के चंगुल से छुड़ाकर उन्होंने नारी सम्मान के लिए हर मुश्किल पार करने का उदाहरण दिया। भगवान राम के किरदार को निभाते हुए उनकी विचारधारा और बुद्धिमता जीवन को प्रभावित करते हैं। भगवान राम का सदाचरण जीवन में घुलमिल जाता है।
खटीमा में राम का किरदार निभाने वाले आशीष।
- फोटो : अमर उजाला
दशरथ के नंदन जैसा काई भाई नहीं : आशीष
खटीमा के एक निजी अस्पताल में कार्यरत 23 वर्षीय आशीष खटीमा की रामलीला में प्रभु राम के चरित्र का मंचन कर रहे हैं। वह कहते हैं कि प्रभु राम के किरदार का हर स्वरूप उन्हें जीवन में बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है लेकिन आज जब वह समाज में भाई-भाई को लड़ते झगड़ते देखते हैं तो उन्हें राम का भातृप्रेम नजर आता है। आज समाज को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। किरदार को निभाने के लिए संवाद को याद करने के अलावा राम को अपनाना पड़ता है। तभी वह मंचन में जीवंत प्रस्तुति दे पाते हैं।
खटीमा के एक निजी अस्पताल में कार्यरत 23 वर्षीय आशीष खटीमा की रामलीला में प्रभु राम के चरित्र का मंचन कर रहे हैं। वह कहते हैं कि प्रभु राम के किरदार का हर स्वरूप उन्हें जीवन में बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है लेकिन आज जब वह समाज में भाई-भाई को लड़ते झगड़ते देखते हैं तो उन्हें राम का भातृप्रेम नजर आता है। आज समाज को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। किरदार को निभाने के लिए संवाद को याद करने के अलावा राम को अपनाना पड़ता है। तभी वह मंचन में जीवंत प्रस्तुति दे पाते हैं।
सितारगंज में राम का किरदार निभाने वाले प्रदीप शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
राम से मिली त्याग और भक्ति की भावना : प्रदीप
सितारगंज में संत कॉलोनी सोम आसन वृंदावन निवासी प्रदीप शर्मा बताते हैं कि वह पिछले 15 साल से रामलीला का मंचन करते आ रहे हैं और प्रभु श्रीराम का किरदार निभाते हैं। श्रीराम के किरदार से आत्म सुकून मिला। राम का किरदार निभाने मात्र से उनके जीवन में काफी परिवर्तन हो गया है। उनके जीवन में सदाचार का संचार हुआ है। वह कोशिश करते हैं कि भगवान राम की तरह वह भी समाज के लिए आदर्श बन सकें। कहते हैं कि प्रभु श्रीराम के चरित्र को पढ़कर उसे अपने जीवन में साकार करना चाहिए।
सितारगंज में संत कॉलोनी सोम आसन वृंदावन निवासी प्रदीप शर्मा बताते हैं कि वह पिछले 15 साल से रामलीला का मंचन करते आ रहे हैं और प्रभु श्रीराम का किरदार निभाते हैं। श्रीराम के किरदार से आत्म सुकून मिला। राम का किरदार निभाने मात्र से उनके जीवन में काफी परिवर्तन हो गया है। उनके जीवन में सदाचार का संचार हुआ है। वह कोशिश करते हैं कि भगवान राम की तरह वह भी समाज के लिए आदर्श बन सकें। कहते हैं कि प्रभु श्रीराम के चरित्र को पढ़कर उसे अपने जीवन में साकार करना चाहिए।