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जांच पर सवाल : एक रिपोर्ट में बीमार, दूसरी ने सेहत में बताया सुधार
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रुद्रपुर। सरकारी अस्पताल.. वह भी जिला अस्पताल। यदि यहां की पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट ही संदेहास्पद हो तो मरीज आखिर क्या करें? कहां जाएं? 17 नवंबर को निजी पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट ने एक युवक को पीलिया की शिकायत बताई तो जिला अस्पताल में कराई गई जांच रिपोर्ट में वह स्वस्थ निकला। जिला अस्पताल की लैब में युवक का बिलीरुबिन (पीलिया का स्तर) 0.68 निकला तो कुछ ही घंटे पहले प्राइवेट लैब में कराई गई जांच में यह 64.5 पाया गया। अब सवाल ये है कि किसकी जांच रिपोर्ट पर यकीन किया जाए।
रंपुरा के वार्ड आठ निवासी 28 वर्षीय सचिन ने बताया कि 17 नवंबर को उसने एक निजी पैथोलॉजी लैब में 600 रुपये देकर जांच कराई। रिपोर्ट में उसका एसजीओटी 64.5 व एसजीपीटी 68.4 निकला। कुछ घंटे बाद ही वह जिला अस्पताल जा पहुंचा। वहां डॉक्टर ने उसे दोबारा अस्पताल में बनी सरकारी पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए लिखा।
कुछ घंटे बाद जो रिपोर्ट आई उससे वह चकरा गया। उसने डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाई और बताया कि इस रिपोर्ट में उसका पीलिया का स्तर 0.68 आया। सचिन ने कहा कि इस रिपोर्ट पर तो उसे शंका हो गई। कहा कि एक रिपोर्ट ने मुझे बीमार जबकि दूसरी ने मुझे स्वस्थ बताया। डॉक्टर ने कहा यदि तुम्हें कोई परेशानी न हो तो एक बार फिर अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच करा लो। 24 नवंबर को युवक ने फिर जिला अस्पताल की लैब में जांच के लिए सैंपल दिया है। संवाद
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कोट-
एक मरीज की एक ही समय में अलग-अलग रिपोर्ट आई हैं। हो सकता है सैंपल बदल गए हों क्योंकि जांच मशीनों से होती है। इतना ज्यादा अंतर नहीं आ सकता। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी। - आरके सिन्हा, पीएमएस
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रंपुरा के वार्ड आठ निवासी 28 वर्षीय सचिन ने बताया कि 17 नवंबर को उसने एक निजी पैथोलॉजी लैब में 600 रुपये देकर जांच कराई। रिपोर्ट में उसका एसजीओटी 64.5 व एसजीपीटी 68.4 निकला। कुछ घंटे बाद ही वह जिला अस्पताल जा पहुंचा। वहां डॉक्टर ने उसे दोबारा अस्पताल में बनी सरकारी पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए लिखा।
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कुछ घंटे बाद जो रिपोर्ट आई उससे वह चकरा गया। उसने डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाई और बताया कि इस रिपोर्ट में उसका पीलिया का स्तर 0.68 आया। सचिन ने कहा कि इस रिपोर्ट पर तो उसे शंका हो गई। कहा कि एक रिपोर्ट ने मुझे बीमार जबकि दूसरी ने मुझे स्वस्थ बताया। डॉक्टर ने कहा यदि तुम्हें कोई परेशानी न हो तो एक बार फिर अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच करा लो। 24 नवंबर को युवक ने फिर जिला अस्पताल की लैब में जांच के लिए सैंपल दिया है। संवाद
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कोट-
एक मरीज की एक ही समय में अलग-अलग रिपोर्ट आई हैं। हो सकता है सैंपल बदल गए हों क्योंकि जांच मशीनों से होती है। इतना ज्यादा अंतर नहीं आ सकता। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी। - आरके सिन्हा, पीएमएस