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Udham Singh Nagar News: दो महीने बाद भी छह अनुबंधित बसों के प्रस्ताव को नहीं मिली मंजूरी
Mon, 24 Aug 2026 12:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:41 AM IST
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रुद्रपुर। रुद्रपुर रोडवेज डिपो में बसों का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। करीब दो महीने पहले छह अनुबंधित बसों को बेड़े में शामिल करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। बसों की कमी का सीधा असर रूट संचालन और यात्रियों की सुविधा पर भी पड़ रहा है। त्योहारी सीजन करीब आने से डिपो प्रबंधन की मुश्किलें अधिक बढ़ गई हैं।
वर्तमान में रुद्रपुर डिपो के पास 37 निगम की और 29 अनुबंधित समेत कुल 66 बसें हैं। डिपो में करीब छह बसों की कमी महसूस हो रही है। दिल्ली, हरिद्वार, मुरादाबाद, काशीपुर, खटीमा, बरेली और पीलीभीत जैसे प्रमुख रूटों पर यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। सीमित बसों के कारण कई बार फेरों को बढ़ाकर मांग पूरी करनी पड़ती है। पंजाब, लुधियाना, लखनऊ और अयोध्या जैसे लंबे रूटों पर भी बसों की संख्या सीमित है। नई बसें नहीं मिलने के बजाय मौजूदा बसों के सहारे ही रूट संचालन हो रहा है। बसों की कमी के कारण यात्रियों को कई रूटों पर बस के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसका असर डिपो की यात्री संख्या और निगम की आय पर भी पड़ रहा है।
वर्जन:
छह अनुबंधित बसों का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। रक्षाबंधन और त्योहार पर जरूरत के अनुसार उपलब्ध बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों को सुविधा दी जाएगी। जल्द बेड़े में नई बसों के शामिल होने की उम्मीद है। -मधुसूदन मिश्रा, एआरएम।
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वर्तमान में रुद्रपुर डिपो के पास 37 निगम की और 29 अनुबंधित समेत कुल 66 बसें हैं। डिपो में करीब छह बसों की कमी महसूस हो रही है। दिल्ली, हरिद्वार, मुरादाबाद, काशीपुर, खटीमा, बरेली और पीलीभीत जैसे प्रमुख रूटों पर यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। सीमित बसों के कारण कई बार फेरों को बढ़ाकर मांग पूरी करनी पड़ती है। पंजाब, लुधियाना, लखनऊ और अयोध्या जैसे लंबे रूटों पर भी बसों की संख्या सीमित है। नई बसें नहीं मिलने के बजाय मौजूदा बसों के सहारे ही रूट संचालन हो रहा है। बसों की कमी के कारण यात्रियों को कई रूटों पर बस के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसका असर डिपो की यात्री संख्या और निगम की आय पर भी पड़ रहा है।
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वर्जन:
छह अनुबंधित बसों का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। रक्षाबंधन और त्योहार पर जरूरत के अनुसार उपलब्ध बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों को सुविधा दी जाएगी। जल्द बेड़े में नई बसों के शामिल होने की उम्मीद है। -मधुसूदन मिश्रा, एआरएम।
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