फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Professors and staff are forced to live in dilapidated houses

Udham Singh Nagar News: जर्जर आवासों में रहने को मजबूर हैं प्राध्यापक-कर्मचारी

Thu, 19 Sep 2024 06:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 19 Sep 2024 06:42 AM IST
विज्ञापन
Professors and staff are forced to live in dilapidated houses
काशीपुर महाविद्यालय में बदहाल आवास। संवाद
काशीपुर। शासन की उदासीनता के चलते राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारी जर्जर आवासों में रहने को मजबूर हैं। कभी भी कोई हादसा होने की आशंका के बाद भी विभाग इस ओर ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन


करीब पांच दशक पूर्व कॉलेज में प्राचार्य आवास के अलावा प्राध्यापकों के लिए 16, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए 24 आवास बनाए गए थे। देखरेख के अभाव में यह आवास अब जर्जर होकर खंडहर जैसे लगने लगे हैं। आलम यह है कि आवासों की छत से प्लास्टर गिरता रहता है। प्राध्यापकों और कर्मियों ने बताया कि आवासों में जाली, दरवाजे टूट चुके हैं। शौचालय और फर्श भी खराब हो चुका है लेकिन आज तक मरम्मत नहीं करवाई गई है।
विज्ञापन

चतुर्थ श्रेणी कर्मी के आवास में भोजन पकाते समय छत से प्लास्टर गिर गया। इससे वह बाल-बाल बच गए। आवासों की स्थिति यह है कि बारिश में पानी टपकता है। छतें कमजोर होने से कभी भी हादसा हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि हर महीने मरम्मत, बिजली, पानी का शुल्क स्टाफ से लिया जा रहा है। पत्राचार करने पर महाविद्यालय प्रशासन ने बजट का रोना रोककर पल्ला झाड़ लेता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
प्राचार्य, प्राध्यापक, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए 41 आवास बने हैं। 11 आवासों में स्टाफ रह रहा है। बाकी खाली पड़े हुए हैं। मरम्मत के अभाव में कुछ लोगों ने अपने घर बना लिए हैं। शेष लोग किराये पर रह रहे हैं। आवासों की मरम्मत के लिए विभाग से पत्राचार किया जाएगा।
- डॉ. सुभाष चंद्र कुशवाहा, प्रभारी प्राचार्य, राधेहरि पीजी कॉलेज काशीपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed