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Udham Singh Nagar News: अमेरिका, पंजाब के आमों की प्रजाति रुद्रपुर उद्यान में की जा रही तैयार
Mon, 29 May 2023 12:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 29 May 2023 12:00 AM IST
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रुद्रपुर। आम के अलग-अलग किस्मों का पौधा लगाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है। अब किसानों को रुद्रपुर उद्यान से अमेरिका, पंजाब समेत पश्चिम बंगाल के आम के पौधों की कई प्रजाति 60 रुपये प्रति पौध के हिसाब से मिल सकेगी। बगीचों में आम के पौधों की फसल तैयार हो रही है।
रुद्रपुर के आम संकलन उद्यान में 1.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लंगड़ा, मीर जाफर, अल्फान्सों, सीपिया, मिठुआ गाजीपुर, नीलम, नीसार पसंद, बनारसी लंगड़ा, सिरौली, श्याम सुंदर आदि पौधों की वैराएटी लगाई गई हैं। वहीं वर्तमान में उद्यान में करीब 622 पेड़ों में आम लगे हुए हैं। अब उद्यान में गौरजीत, गुलाब खास, बॉम्बे ग्रीन, फजली, टॉमी एटकिन्स, लालिमा आदि के पौध तैयार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन प्रजातियों को शौकिया किसानों को 60 रुपये प्रति पौध दिए जाएंगे।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक रवींद्रजीत सिंह ने बताया कि फजली आम बिहार व पश्चिम बंगाल में अधिक पाया जाता है। इसमें बेहद सारे गूदे होते हैं, अन्य आमों की तुलना में बड़े होने के चलते यह बेहद प्रचलित है। बताया कि गुलाब खास आम एक मनोरम फल है। इस फल का छिलका गुलाबी या लाल रंग का होता है। इसका उपयोग अक्सर आम के डेजर्ट तैयार करने के लिए किया जाता है। बताया कि गौरजीत को चूसकर खाया जाता है, इसे पकाने के लिए किसी रसायन की जरूरत नहीं होती है। जून के पहले सप्ताह में यह डालियों में ही पकने लगता है। कहा कि अमेरिकी प्रजाति का आम ब्लैक मैंगो के नाम से प्रचलित टॉमी ऐटक्निस का पौधा भी अब बाग में उगाया जा रहा है। इसे मधुमेह रोग से पीड़ित लोग भी खा सकते हैं। अन्य आमों के किस्म की तुलना में इसमें लगभग 75 फीसदी चीनी कम होती है। पूसा लालिमा आम की लाल रंग की किस्म है। पंजाब राज्य में प्रचलित बॉम्बे ग्रीन आम भी अन्य आमों से काफी खास है।
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रुद्रपुर के आम संकलन उद्यान में 1.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लंगड़ा, मीर जाफर, अल्फान्सों, सीपिया, मिठुआ गाजीपुर, नीलम, नीसार पसंद, बनारसी लंगड़ा, सिरौली, श्याम सुंदर आदि पौधों की वैराएटी लगाई गई हैं। वहीं वर्तमान में उद्यान में करीब 622 पेड़ों में आम लगे हुए हैं। अब उद्यान में गौरजीत, गुलाब खास, बॉम्बे ग्रीन, फजली, टॉमी एटकिन्स, लालिमा आदि के पौध तैयार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन प्रजातियों को शौकिया किसानों को 60 रुपये प्रति पौध दिए जाएंगे।
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वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक रवींद्रजीत सिंह ने बताया कि फजली आम बिहार व पश्चिम बंगाल में अधिक पाया जाता है। इसमें बेहद सारे गूदे होते हैं, अन्य आमों की तुलना में बड़े होने के चलते यह बेहद प्रचलित है। बताया कि गुलाब खास आम एक मनोरम फल है। इस फल का छिलका गुलाबी या लाल रंग का होता है। इसका उपयोग अक्सर आम के डेजर्ट तैयार करने के लिए किया जाता है। बताया कि गौरजीत को चूसकर खाया जाता है, इसे पकाने के लिए किसी रसायन की जरूरत नहीं होती है। जून के पहले सप्ताह में यह डालियों में ही पकने लगता है। कहा कि अमेरिकी प्रजाति का आम ब्लैक मैंगो के नाम से प्रचलित टॉमी ऐटक्निस का पौधा भी अब बाग में उगाया जा रहा है। इसे मधुमेह रोग से पीड़ित लोग भी खा सकते हैं। अन्य आमों के किस्म की तुलना में इसमें लगभग 75 फीसदी चीनी कम होती है। पूसा लालिमा आम की लाल रंग की किस्म है। पंजाब राज्य में प्रचलित बॉम्बे ग्रीन आम भी अन्य आमों से काफी खास है।
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