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महिला सुरक्षा के लिए फैक्टरियों में बने शिकायत निवारण प्रकोष्ठ: मिश्रा
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सितारगंज की एक फैक्टरी का निरीक्षण करतीं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा। संवा?
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने सिडकुल की कई फैक्टरियों का निरीक्षण किया। उनमें कार्यरत महिलाओं से मिलकर बातचीत की। उन्होंने फैक्टरियों में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रकोष्ठ बनाने के बाद तुरंत आयोग को अवगत भी कराया जाए।
रविवार को ज्योति साह मिश्रा के सिडकुल की फैक्टरियों में औचक निरीक्षण से खलबली मच गई। उन्होंने फैक्टरियों में काम करती मिलीं महिलाओं से बातचीत की और उनके कार्य के बारे में जाना। अधिकतर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं दिखीं। उन्हें विशाखा गाइडलाइन आदि के बारे में पता नहीं था। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों व उनके लिए बने कानून की जानकारी दी। कहा कि सभी फैक्टरियां अपने यहां आवश्यक रूप से आपातकालीन नंबर, महिला हेल्पलाइन आदि नंबर चस्पा करें ताकि किसी भी महिला के साथ कोई उत्पीड़न, शोषण या कार्य के दौरान बुरा बर्ताव होने पर वे इन नंबरों पर फोन कर शिकायत कर सकें।
उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया जाए और समय-समय पर उसकी बैठक होनी चाहिए। इसके लिए रजिस्टर बनाकर उसमें उनकी शिकायतों से संबंधित पूरी जानकारी को दर्ज किया जाए। शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के जरिये महिलाओं की समस्या को सुनकर उनका निराकरण किया जाए और उन्हें उनके अधिकारों की भी जानकारी दी जाए।
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रविवार को ज्योति साह मिश्रा के सिडकुल की फैक्टरियों में औचक निरीक्षण से खलबली मच गई। उन्होंने फैक्टरियों में काम करती मिलीं महिलाओं से बातचीत की और उनके कार्य के बारे में जाना। अधिकतर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं दिखीं। उन्हें विशाखा गाइडलाइन आदि के बारे में पता नहीं था। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों व उनके लिए बने कानून की जानकारी दी। कहा कि सभी फैक्टरियां अपने यहां आवश्यक रूप से आपातकालीन नंबर, महिला हेल्पलाइन आदि नंबर चस्पा करें ताकि किसी भी महिला के साथ कोई उत्पीड़न, शोषण या कार्य के दौरान बुरा बर्ताव होने पर वे इन नंबरों पर फोन कर शिकायत कर सकें।
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उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया जाए और समय-समय पर उसकी बैठक होनी चाहिए। इसके लिए रजिस्टर बनाकर उसमें उनकी शिकायतों से संबंधित पूरी जानकारी को दर्ज किया जाए। शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के जरिये महिलाओं की समस्या को सुनकर उनका निराकरण किया जाए और उन्हें उनके अधिकारों की भी जानकारी दी जाए।
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