{"_id":"57d5abed4f1c1bbc61318e32","slug":"pricol-list-of-turn-embroiled-in-contract-workers","type":"story","status":"publish","title_hn":" लिस्ट के फेर में उलझे प्रीकॉल के ठेका श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लिस्ट के फेर में उलझे प्रीकॉल के ठेका श्रमिक
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत प्रीकॉल के ठेका श्रमिक समझौते के बाद कंपनी में वापसी के लिए लिस्ट के फेर में उलझ गए हैं। रविवार को श्रमिकों के एक शिष्टमंडल ने हल्द्वानी में वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के आवास पर उनसे वार्ता की, वित्त मंत्री द्वारा कंपनी के प्लांट हेड से फोन पर वार्ता करने के बाद श्रमिकों को उनके पास भेजा गया लेकिन श्रमिक प्लांट हेड के पास नहीं गये। देर शाम एसडीएम ने भी श्रमिकों से वार्ता की लेकिन यहां भी श्रमिक उनके द्वारा लिस्ट जारी करने की बात पर अड़े रहे।
वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के आवास पर पहुंचे प्रीकॉल के ठेका श्रमिकों ने वार्ता के दौरान उन्हें खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए न्याय दिलाने की मांग की। इस पर वित्त मंत्री ने कंपनी प्लांट हेड से फोन पर वार्ता की तो कंपनी हेड ने बताया कि आंदोलन में जुटे सभी श्रमिक ठेके पर रखे गये हैं, उसी अनुसार समझौता भी हुआ है लेकिन श्रमिक अपनी मनमानी से नियुक्ति चाह रहे है।
इस पर वित्त मंत्री ने श्रमिकों को उन्हें गलत जानकारी देने पर फटकार लगाई और प्लांट हैड के पास जाकर उनके सामने खुद से बात करवाने की बात कही लेकिन श्रमिक हल्द्वानी से लौटने के बाद प्लांट हैड के पास ना जाकर श्रमिकों के किसी और सम्मेलन में चले गये। देर शाम एसडीएम ऐपी वाजपेयी ने भी श्रमिकों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन यहां भी ठेका श्रमिक यूनियन द्वारा लिस्ट बनाये जाने की मांग को लेकर अड़े रहे। एसडीएम ने श्रमिकों को जुलाई माह में काम कर रहे श्रमिकों की लिस्ट लेकर सोमवार को वार्ता करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के आवास पर पहुंचे प्रीकॉल के ठेका श्रमिकों ने वार्ता के दौरान उन्हें खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए न्याय दिलाने की मांग की। इस पर वित्त मंत्री ने कंपनी प्लांट हेड से फोन पर वार्ता की तो कंपनी हेड ने बताया कि आंदोलन में जुटे सभी श्रमिक ठेके पर रखे गये हैं, उसी अनुसार समझौता भी हुआ है लेकिन श्रमिक अपनी मनमानी से नियुक्ति चाह रहे है।
विज्ञापन
इस पर वित्त मंत्री ने श्रमिकों को उन्हें गलत जानकारी देने पर फटकार लगाई और प्लांट हैड के पास जाकर उनके सामने खुद से बात करवाने की बात कही लेकिन श्रमिक हल्द्वानी से लौटने के बाद प्लांट हैड के पास ना जाकर श्रमिकों के किसी और सम्मेलन में चले गये। देर शाम एसडीएम ऐपी वाजपेयी ने भी श्रमिकों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन यहां भी ठेका श्रमिक यूनियन द्वारा लिस्ट बनाये जाने की मांग को लेकर अड़े रहे। एसडीएम ने श्रमिकों को जुलाई माह में काम कर रहे श्रमिकों की लिस्ट लेकर सोमवार को वार्ता करने के लिए कहा है।
विज्ञापन