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पीपीपी मोड में मिल चलाना लोगों के हित में
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:04 AM IST
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खटीमा में नागरिक अस्पताल के शुभारंभ के अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्वागत करते भाजपाई।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ तौर पर कहा कि सितारगंज चीनी मिल को बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि किसानों की बेहतरी के लिए पीपीपी मोड पर उसका संचालन किया जाएगा। इससे किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलेगा और भुगतान भी समय पर होगा। यह फैसला किसानों के खिलाफ नहीं है।
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सीएम ने बुधवार को सितारगंज सिडकुल स्थित बारह राणा स्मारक के वार्षिकोत्सव में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और खटीमा में नागरिक अस्पताल का लोकार्पण किया। उन्होंने खटीमा के लामाखेड़ा में पुल और देवीपुरा ज्ञानपुर गौड़ी मार्ग निर्माण और भारामल मंदिर शारदाघाट के सुंदरीकरण की घोषणा की और पकरिया में खेल स्टेडियम बनाने का आश्वासन दिया।
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सीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की 17 हजार करोड़ की आय में सरकार किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ नहीं कर सकती। दो प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना चलाई गई है। अब तक 46 हजार किसान इसका लाभ ले चुके हैं। इसकी ऋण सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
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कहा कि प्रदेश की जो भी चीनी मिले घाटे में हैं, उनका कारण जानने के लिए जांच कराई जाएगी। सितारगंज चीनी मिल पीपीपी मोड पर देने का कैबिनेट का निर्णय किसान विरोधी नहीं है। मिल चलेगी और किसानों को पीपीपी मोड से संचालित चीनी मिल से लाभ भी होगा। प्रदेश सरकार किसानों का अहित नहीं होने देगी। उचित दाम और समय पर भुगतान मिलेगा। गन्ना किसानों के 35 खरीद केंद्रों को अलग-अलग मिलों से जोड़ दिया गया है।
उन्होंने सितारगंज के रोडवेज बस स्टेशन और शक्तिफार्म-सिरसा सड़क निर्माण के लिए जल्द ही बजट की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। कहा अधूरे निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराए जाएंगे। एनएच-74 घोटाले में एसआईटी की जांच चल रही है। कई अधिकारी जेल जा चुके हैं और जो भी दोषी सामने आएंगे, वे बचेंगे नहीं। कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को भ्रष्टाचारमुक्त बनाना चाहती है।