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Udham Singh Nagar News: वन्यजीव तस्कर अर्जुन उर्फ कौआ पर 10 हजार का इनाम
Sun, 08 Oct 2023 12:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:23 AM IST
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रुद्रपुर। एक महीने पहले बाघों की खाल और हड्डियों की बरादमगी के मामले में फरार शिकारी अर्जुन उर्फ कौआ और उसका बेटा अनिल वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। दोनों आरोपी मामले का खुलासा होने के बाद भूमिगत हैं। जिसके बाद वन विभाग ने दोनों पर 10,000-10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
छह सितंबर की शाम एसटीएफ और तराई केंद्रीय वन विभाग की टांडा रेंज की टीम ने बाजपुर दोराहा हाइवे पर ट्रक से दो बाघ की खाल और 35 किलोग्राम हड्डियां बरामद की थी। टीम ने शिव कालोनी सरवरखेड़ा जसपुर निवासी कुलविंदर सिंह, उसके बेटे शमशेर और जोगा सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बरामद सामान को रुद्रपुर बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकारी थी। इस मामले में कुख्यात तस्कर अर्जुन उर्फ कौआ निवासी प्रगति विहार सपेरा बस्ती नेहरू कालोनी देहरादून का नाम प्रकाश में आया था। वन विभाग ने अर्जुन के साथ ही उसके बेटे अनिल को वांटेड किया था। इसके बाद टीम ने दोनों की तलाश में संभावित जगहों पर दबिशें दी थी। दोनों की तलाश में वन विभाग की टीम को देहरादून में डेरा भी डालना पड़ा था। दोनों ही घर में दबिश के दौरान नहीं मिले थे। काफी कोशिशों के बाद भी दोनों के हत्थे नहीं चढ़ने पर वन विभाग ने उनको इनामी घोषित कर दिया है। एसडीओ शशिदेव ने बताया कि अर्जुन और अनिल पर इनाम घोषित किया गया है। दोनों की तलाश में दबिशें दी गई हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल सका है। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जमानत मिलने के बाद भूमिगत हो गया अर्जुन
रुद्रपुर। खटीमा में बाघ की खाल और अंगों की तस्करी के मामले में एक महीने तक जेल में रहने के बाद अर्जुन को जमानत मिल गई थी। जमानत के एक हफ्ते के बाद एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को खाल और हड्डियों के साथ पकड़ा तो गिरफ्तारी के अंदेशे से अर्जुन भूमिगत हो गया और अब वन विभाग को खोजे नहीं मिल पा रहा है। दरअसल एसटीएफ, वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो और तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम ने 22 जुलाई की रात खटीमा के पहेनिया टोल प्लाजा के पास बाघ की खाल और 15 किलो हड्डियों के साथ चार तस्करों को पकड़ा था। इसी मामले में 23 जुलाई को एसटीएफ और वन विभाग ने अर्जुन को काशीपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन 31 अगस्त को उसकी जमानत हो गई थी और अब वह बाघ की खाल के दूसरे मामले में फरार है।
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छह सितंबर की शाम एसटीएफ और तराई केंद्रीय वन विभाग की टांडा रेंज की टीम ने बाजपुर दोराहा हाइवे पर ट्रक से दो बाघ की खाल और 35 किलोग्राम हड्डियां बरामद की थी। टीम ने शिव कालोनी सरवरखेड़ा जसपुर निवासी कुलविंदर सिंह, उसके बेटे शमशेर और जोगा सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बरामद सामान को रुद्रपुर बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकारी थी। इस मामले में कुख्यात तस्कर अर्जुन उर्फ कौआ निवासी प्रगति विहार सपेरा बस्ती नेहरू कालोनी देहरादून का नाम प्रकाश में आया था। वन विभाग ने अर्जुन के साथ ही उसके बेटे अनिल को वांटेड किया था। इसके बाद टीम ने दोनों की तलाश में संभावित जगहों पर दबिशें दी थी। दोनों की तलाश में वन विभाग की टीम को देहरादून में डेरा भी डालना पड़ा था। दोनों ही घर में दबिश के दौरान नहीं मिले थे। काफी कोशिशों के बाद भी दोनों के हत्थे नहीं चढ़ने पर वन विभाग ने उनको इनामी घोषित कर दिया है। एसडीओ शशिदेव ने बताया कि अर्जुन और अनिल पर इनाम घोषित किया गया है। दोनों की तलाश में दबिशें दी गई हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल सका है। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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जमानत मिलने के बाद भूमिगत हो गया अर्जुन
रुद्रपुर। खटीमा में बाघ की खाल और अंगों की तस्करी के मामले में एक महीने तक जेल में रहने के बाद अर्जुन को जमानत मिल गई थी। जमानत के एक हफ्ते के बाद एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को खाल और हड्डियों के साथ पकड़ा तो गिरफ्तारी के अंदेशे से अर्जुन भूमिगत हो गया और अब वन विभाग को खोजे नहीं मिल पा रहा है। दरअसल एसटीएफ, वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो और तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम ने 22 जुलाई की रात खटीमा के पहेनिया टोल प्लाजा के पास बाघ की खाल और 15 किलो हड्डियों के साथ चार तस्करों को पकड़ा था। इसी मामले में 23 जुलाई को एसटीएफ और वन विभाग ने अर्जुन को काशीपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन 31 अगस्त को उसकी जमानत हो गई थी और अब वह बाघ की खाल के दूसरे मामले में फरार है।
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