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Udham Singh Nagar News: देश में पहली बार उड़द की फसल में पॉड रॉट बीमारी की पुष्टि

Sat, 17 Jan 2026 01:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sat, 17 Jan 2026 01:23 AM IST
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Pod rot disease confirmed in black gram crop for the first time in the country
पंतनगर। देश की प्रमुख दलहनी फसलों में शामिल उड़द (विग्ना मुंगो एल.) पर एक नई और गंभीर बीमारी का खतरा सामने आया है। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने देश में पहली बार उड़द की फसल में पॉड रॉट रोग की वैज्ञानिक पुष्टि की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस रोग के लिए फ्यूजेरियम इन्कार्नाटम–इक्विसेटी प्रजाति समूह का कवक जिम्मेदार है।
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जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रमुख दलहन विशेषज्ञ डॉ. केपीएस कुशवाहा के अनुसार देश में पहली बार उड़द की फलियों में सड़न के लिए फ्यूजेरियम इन्कार्नाटम–इक्विसेटी प्रजाति के कवक समूह को रोगकारक के रूप में पहचाना गया है। इस खोज के बाद कृषि विभाग को सतर्क करते हुए किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया गया है कि रोग के प्रभावी नियंत्रण और प्रबंधन के उपाय जल्द सामने लाए जाएंगे।
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हल्के गुलाबी रंग की फफूंद खतरनाक

अगस्त 2022 में फसल अनुसंधान केंद्र पर उड़द की फसल में फली सड़न के गंभीर लक्षण दिखाई दिए। कई प्लॉट्स में 80 से 92 प्रतिशत तक फलियां प्रभावित पाई गईं। शुरुआत में फलियों के सिरे पर सफेद से हल्के गुलाबी रंग की फफूंद उभरी, जो धीरे-धीरे पूरी फली पर फैल गई। रोगग्रस्त फलियों में बीज सिकुड़े हुए और अविकसित मिले जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ा।
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ऐसे हुई बीमारी की पहचान
रोग की पुष्टि के लिए खेत से दस संक्रमित पौधों के नमूने एकत्र किए गए। रोगग्रस्त फलियों को टुकड़ों में काटकर 70 प्रतिशत इथेनॉल से सतह को संक्रमण-मुक्त किया गया और प्रयोगशाला में विश्लेषण किया गया। इस शोध कार्य में पंत विवि के पादप रोग विज्ञान विभाग की टीम ने योगदान दिया, जिसमें डॉ. राजश्री वर्मा, डॉ. केपीएस कुशवाहा, डॉ. शिल्पी रावत और डॉ. सत्य कुमार शामिल रहे। नियंत्रित तापमान पर संवर्धन के बाद फ्यूजेरियम के तीन आइसोलेट्स को शुद्ध किया गया। इनके रंग, संरचना और सूक्ष्म लक्षणों के साथ-साथ आणविक परीक्षण (डीएनए विश्लेषण) के आधार पर रोगकारक की पहचान की गई।
कोट
पाॅड राॅट बीमारी खेतों में उड़द की फलियों को सड़ा रही है। इससे उत्पादन में 60 प्रतिशत तक गिरावट देखी जा रही है।
-डॉ. केपीएस कुशवाहा, दलहन विशेषज्ञ, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
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