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पिकअप को बनाया एंबुलेंस, 40 किमी तक निशुल्क सेवा
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रुद्रपुर। कोरोना काल में काम ठप हुआ तो लोगों की मदद करने के लिए सुरेंद्र सिंघल ने पिकअप को ही एंबुलेंस बना डाला। मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उनके पिकअप में ऑक्सीजन सिलिंडर भी मौजूद है। मेडिकल कॉलेज से अब तक आठ मरीजों को वह खटीमा, काशीपुर, किच्छा और दिनेशपुर तक छोड़ चुके हैं।
मॉडल कॉलोनी निवासी सुरेंद्र ने बताया कि कोरोना काल में लोग आपदा को अवसर में तलाश कर खूब लूट मचा रहे हैं। पिकअप में पहाड़ से सामान ढोने का काम हल्का होने पर उन्होंने लोगों की मदद करने के बारे में सोचा तो कुछ दोस्त भी उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोई एंबुलेंस वाला ज्यादा किराया मांग रहा है तो कोई बताई हुई जगह पर मरीज को नहीं छोड़ रहा है। ऐसे में तीमारदारों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि जिन मरीजों को घर से अस्पताल तक ले जाया जा रहा है, उनका सबसे पहले ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन और पल्स रेट नाप रहे हैं। यदि ऑक्सीजन कम है तो मरीज को ऑक्सीजन मास्क लगाकर उसे अस्पताल तक छोड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिकअप में पीपीई किट भी रखी है। एंबुलेंस पर दिए गए नंबर पर कॉल करने से वह लोगों तक पहुंच रहे हैं। बताया कि मरीज को वह अंतिम 40 किलोमीटर तक ही निशुल्क सेवा दे रहे हैं।
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मॉडल कॉलोनी निवासी सुरेंद्र ने बताया कि कोरोना काल में लोग आपदा को अवसर में तलाश कर खूब लूट मचा रहे हैं। पिकअप में पहाड़ से सामान ढोने का काम हल्का होने पर उन्होंने लोगों की मदद करने के बारे में सोचा तो कुछ दोस्त भी उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोई एंबुलेंस वाला ज्यादा किराया मांग रहा है तो कोई बताई हुई जगह पर मरीज को नहीं छोड़ रहा है। ऐसे में तीमारदारों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि जिन मरीजों को घर से अस्पताल तक ले जाया जा रहा है, उनका सबसे पहले ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन और पल्स रेट नाप रहे हैं। यदि ऑक्सीजन कम है तो मरीज को ऑक्सीजन मास्क लगाकर उसे अस्पताल तक छोड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिकअप में पीपीई किट भी रखी है। एंबुलेंस पर दिए गए नंबर पर कॉल करने से वह लोगों तक पहुंच रहे हैं। बताया कि मरीज को वह अंतिम 40 किलोमीटर तक ही निशुल्क सेवा दे रहे हैं।
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