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डेल्टा वैरिएंट की आशंका के चलते रोजाना 70 से 80 मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल
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रुद्रपुर जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लंबी लाइन।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर और डेल्टा वैरिएंट की आशंका के चलते रोजाना 70 से 80 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मौसम बदलने से लोगों को गले में खरास, बुखार, खांसी, जुखाम आदि बीमारियां हो रही हैं। मरीजों और तीमारदारों को घबराने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अभी तक राज्य में तीसरी लहर की दस्तक नहीं हुई है। एहतियात के लिए जिले से भी कोरोना संक्रमितों के सैंपल दिल्ली लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद लोगों में कोरोना का इस कदर डर फैल गया है कि वायरल होने पर सीधे डॉक्टर से सलाह ले रहे हैं। मरीजों व तीमारदारों की ओपीडी कक्ष से गेट के बाहर तक लंबी लाइन लगी हुई है। जिला अस्पताल में अनुमानित रोजाना 400 से 500 ओपीडी हो रही हैं। इसमें से 70 से 80 मरीज तो सिर्फ खांसी-जुखाम, गले में खरांस, बुखार जैसी बीमारियां लेकर डॉक्टर से इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एमके तिवारी ने बताया कि मौसम बदलने से खांसी-जुखाम, बुखार, सर्दी आदि बीमारियां हो रही हैं। लोगों में डेल्टा वैरिएंट को लेकर भ्रम फैल रहा है।
बरसात के बाद डेंगू मलेरिया का प्रकोप
रुद्रपुर। फिजिशियन डॉ. तिवारी ने बताया कि बरसात खत्म होने के बाद जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप रह सकता है। हालांकि इसको लेकर जिला अस्पताल में वार्ड की तैयारियां हो चुकी हैं। पीएमएस डॉ. आरएस सामंत ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते बीते एक साल से जिले में डेंगू ने दस्तक नहीं दिया है। अगर लोग घर के आसपास साफ-सफाई रखेंगे तो डेंगू मच्छर नहीं पनपेगा।
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तरल पदार्थ का करें अधिक सेवन
रुद्रपुर। डॉ. एमके तिवारी ने बताया कि वायरल बुखार से बचने के लिए लोगों को बरसात में ज्यादा तला भुना खाना नहीं खाना चाहिए। मौसम बदलने से अधिकांश 60 प्रतिशत लोगों को वायरल बीमारियां होती हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अभी तक राज्य में तीसरी लहर की दस्तक नहीं हुई है। एहतियात के लिए जिले से भी कोरोना संक्रमितों के सैंपल दिल्ली लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद लोगों में कोरोना का इस कदर डर फैल गया है कि वायरल होने पर सीधे डॉक्टर से सलाह ले रहे हैं। मरीजों व तीमारदारों की ओपीडी कक्ष से गेट के बाहर तक लंबी लाइन लगी हुई है। जिला अस्पताल में अनुमानित रोजाना 400 से 500 ओपीडी हो रही हैं। इसमें से 70 से 80 मरीज तो सिर्फ खांसी-जुखाम, गले में खरांस, बुखार जैसी बीमारियां लेकर डॉक्टर से इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एमके तिवारी ने बताया कि मौसम बदलने से खांसी-जुखाम, बुखार, सर्दी आदि बीमारियां हो रही हैं। लोगों में डेल्टा वैरिएंट को लेकर भ्रम फैल रहा है।
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बरसात के बाद डेंगू मलेरिया का प्रकोप
रुद्रपुर। फिजिशियन डॉ. तिवारी ने बताया कि बरसात खत्म होने के बाद जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप रह सकता है। हालांकि इसको लेकर जिला अस्पताल में वार्ड की तैयारियां हो चुकी हैं। पीएमएस डॉ. आरएस सामंत ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते बीते एक साल से जिले में डेंगू ने दस्तक नहीं दिया है। अगर लोग घर के आसपास साफ-सफाई रखेंगे तो डेंगू मच्छर नहीं पनपेगा।
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तरल पदार्थ का करें अधिक सेवन
रुद्रपुर। डॉ. एमके तिवारी ने बताया कि वायरल बुखार से बचने के लिए लोगों को बरसात में ज्यादा तला भुना खाना नहीं खाना चाहिए। मौसम बदलने से अधिकांश 60 प्रतिशत लोगों को वायरल बीमारियां होती हैं।