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Udham Singh Nagar News: कार्यशाला खत्म होने से पहले ही छोड़कर गए पंचायत प्रतिनिधि
Sun, 24 Aug 2025 12:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 24 Aug 2025 12:58 AM IST
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जसपुर। डीएम के आदेश पर आयोजित कार्यशाला असुविधा की भेंट चढ़ गई। खत्म होने से पहले ही पंचायत प्रतिनिधि कार्यशाला छोड़कर सभागार से चले गए। उनका आरोप था कि कार्यक्रम की अध्यक्षता कराए बिना ही कार्यशाला को संचालित किया जा रहा था और प्रधानों के बैठने के लिए जगह तक नहीं दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को जसपुर ब्लाॅक कार्यालय में कार्यशाला के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अफसरों को नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं नगर पालिका सभासद समेत आम नागरिकों को विभागीय योजनाओं से अवगत कराया जाना था। साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में आ रही परेशानियों का समाधान निकालना था। शनिवार को आयोजित कार्यशाला में जिपं सदस्य चरनजीत सिंह ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं ब्लॉक प्रमुख का परिचय न कराए जाने, ग्राम प्रधानों को बैठने की व्यवस्था न किए जाने एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता न कराए जाने पर नाराजगी जताई। अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी समर्थन किया और कार्यशाला की सुविधाओं पर असहमति जताते हुए सभागार छोड़ कर चले गए। इससे कार्यशाला की व्यवस्था और बिगड़ गई। विधायक आदेश सिंह चौहान, एसडीएम चतर सिंह चौहान आदि भी वहां से चले गए। कार्यक्रम की व्यवस्था बिगड़ने से लोगों की समस्याएं नहीं सुनी गईं और उद्देश्य के बिना ही कार्यशाला को खत्म करना पड़ा। वहां पर ब्लाॅक प्रमुख अनूप कौर, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, डिप्टी सीएमओ डाॅ. एसपी सिंह, जिपं सदस्य सनी पधान, डीपीआरओ विद्यासिंह सोमनाल आदि थे।
11 लोगों के बने आयु प्रमाणपत्र
जसपुर। बीडीओ केके पांडे ने बताया कि कार्यशाला में 40 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इसमें 10 लोगों की खून की जांच और 11 लोगों के आयु प्रमाणपत्र बनाए गए। साथ ही 50 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। 152 जनप्रतिनिधियों समेत 19 विभागों के अफसरों और कर्मचारियों ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया। कई विभागों से जुड़े अफसरों ने सरकारी योजनाओं के बारे में बताया।
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कार्यशाला में कार्यक्रम की अध्यक्षता का कोई प्रावधान नहीं था। लोगों के अधिक संख्या में पहुंचने से सभागार छोटा पड़ गया था। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की समस्या को गहनता से सुना गया है। उसके निस्तारण के लिए जिला कार्यालय से अनुमोदन होना शेष है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को योजनाओं की जानकारी देना था। पंचायत प्रतिनिधि किस बात पर नाराज हुए उन्हें नहीं पता। कार्यशाला को विकास विभाग ने संचालित किया था।
-चतर सिंह चौहान, एसडीएम, जसपुर
उन्हें इस कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी थी। पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें अव्यवस्था को लेकर बुलाया था। नगर पालिका के सभासदों ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनने में आ रही परेशानी की शिकायत की थी। उन्हीं की शिकायत के निस्तारण के लिए डीएम कार्यशाला किए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा को बदलकर मुख्य उद्देश्य को ही प्रभावित किया है।
- आदेश सिंह चौहान, विधायक जसपुर
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मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को जसपुर ब्लाॅक कार्यालय में कार्यशाला के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अफसरों को नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं नगर पालिका सभासद समेत आम नागरिकों को विभागीय योजनाओं से अवगत कराया जाना था। साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में आ रही परेशानियों का समाधान निकालना था। शनिवार को आयोजित कार्यशाला में जिपं सदस्य चरनजीत सिंह ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं ब्लॉक प्रमुख का परिचय न कराए जाने, ग्राम प्रधानों को बैठने की व्यवस्था न किए जाने एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता न कराए जाने पर नाराजगी जताई। अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी समर्थन किया और कार्यशाला की सुविधाओं पर असहमति जताते हुए सभागार छोड़ कर चले गए। इससे कार्यशाला की व्यवस्था और बिगड़ गई। विधायक आदेश सिंह चौहान, एसडीएम चतर सिंह चौहान आदि भी वहां से चले गए। कार्यक्रम की व्यवस्था बिगड़ने से लोगों की समस्याएं नहीं सुनी गईं और उद्देश्य के बिना ही कार्यशाला को खत्म करना पड़ा। वहां पर ब्लाॅक प्रमुख अनूप कौर, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, डिप्टी सीएमओ डाॅ. एसपी सिंह, जिपं सदस्य सनी पधान, डीपीआरओ विद्यासिंह सोमनाल आदि थे।
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11 लोगों के बने आयु प्रमाणपत्र
जसपुर। बीडीओ केके पांडे ने बताया कि कार्यशाला में 40 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इसमें 10 लोगों की खून की जांच और 11 लोगों के आयु प्रमाणपत्र बनाए गए। साथ ही 50 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। 152 जनप्रतिनिधियों समेत 19 विभागों के अफसरों और कर्मचारियों ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया। कई विभागों से जुड़े अफसरों ने सरकारी योजनाओं के बारे में बताया।
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कार्यशाला में कार्यक्रम की अध्यक्षता का कोई प्रावधान नहीं था। लोगों के अधिक संख्या में पहुंचने से सभागार छोटा पड़ गया था। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की समस्या को गहनता से सुना गया है। उसके निस्तारण के लिए जिला कार्यालय से अनुमोदन होना शेष है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को योजनाओं की जानकारी देना था। पंचायत प्रतिनिधि किस बात पर नाराज हुए उन्हें नहीं पता। कार्यशाला को विकास विभाग ने संचालित किया था।
-चतर सिंह चौहान, एसडीएम, जसपुर
उन्हें इस कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी थी। पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें अव्यवस्था को लेकर बुलाया था। नगर पालिका के सभासदों ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनने में आ रही परेशानी की शिकायत की थी। उन्हीं की शिकायत के निस्तारण के लिए डीएम कार्यशाला किए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा को बदलकर मुख्य उद्देश्य को ही प्रभावित किया है।
- आदेश सिंह चौहान, विधायक जसपुर