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Udham Singh Nagar News: पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी अक्षत रुहेला बने मिसाल
Tue, 10 Mar 2026 01:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:18 AM IST
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रुद्रपुर। जिले के अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी अक्षत रुहेला अपने संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर खेल जगत में पहचान बना रहे हैं। वह शारीरिक रूप से कमजोर होने पर परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
2017 में आयोजित जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने के दौरान उन्हें पैरा खेलों की जानकारी मिली और यहीं से उनके खेल जीवन की शुरुआत हुई। 2018 में पैरा बैडमिंटन को अपनाया। 2023 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) में चयन हुआ।
दो जून 2025 को उनके पिता के हार्ट का ऑपरेशन होने के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें प्रशिक्षण छोड़ना पड़ा लेकिन उनका खेल के प्रति समर्पण बरकरार है।
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अक्षत 2020 में दक्ष दिव्यांग खिलाड़ी राज्य पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं और राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन रैंकिंग में 23वें स्थान तक पहुंच चुके हैं। अब तक वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में तीन स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य सहित 12 पदक जीत चुके हैं।
2024 में उन्होंने युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अक्षत का सपना है कि वह भविष्य में पैरालंपिक में अपने देश के लिए पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करें।
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2017 में आयोजित जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने के दौरान उन्हें पैरा खेलों की जानकारी मिली और यहीं से उनके खेल जीवन की शुरुआत हुई। 2018 में पैरा बैडमिंटन को अपनाया। 2023 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) में चयन हुआ।
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दो जून 2025 को उनके पिता के हार्ट का ऑपरेशन होने के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें प्रशिक्षण छोड़ना पड़ा लेकिन उनका खेल के प्रति समर्पण बरकरार है।
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अक्षत 2020 में दक्ष दिव्यांग खिलाड़ी राज्य पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं और राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन रैंकिंग में 23वें स्थान तक पहुंच चुके हैं। अब तक वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में तीन स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य सहित 12 पदक जीत चुके हैं।
2024 में उन्होंने युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अक्षत का सपना है कि वह भविष्य में पैरालंपिक में अपने देश के लिए पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करें।