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Udham Singh Nagar News: बाजपुर के लाल सेना के जवान का कोलकाता में निधन
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बाजपुर के गांव थापकनंगला स्थित घर पर शहीद की पत्नी जसवीर कौर की गोद में मासूम बेटी और अन्य लोग। सं?
- फोटो : KASHIPUR
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बाजपुर। कोलकाता के कंचनपारा में तैनात बाजपुर के गांव थापक नंगला निवासी नायक प्रकाश सिंह (32) का निधन हो गया। पेट दर्द की शिकायत होने पर उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार प्रकाश सिंह का भतीजा बलविंदर सिंह और प्रधान पति ओंकार सिंह कोलकाता के लिए रवाना हो गए।
परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह करीब तीन बजे उन्हें मोबाइल पर प्रकाश सिंह के निधन की सूचना मिली। बताया कि प्रकाश को शनिवार रात को पेट में दर्द हुआ था। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। प्रकाश सिंह आर्मी की 1811 मीडियम रेजीमेंट में वर्ष 2009 में भर्ती हुए थे। उनके पिता कश्मीर सिंह का पांच साल पहले और माता रानो कौर का चार माह पहले निधन हो चुका है।
परिजनों के अनुसार उन्होंने गांव थापक नंगला स्थित प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। गांव हरिपुरा हरसान स्थित जीआईसी से 12वीं पास की। वह 10 अक्तूबर को 20 दिन के अवकाश पर घर आए और 29 अक्तूबर को वापस गए थे। संत केशर सिंह स्मृति सहायता कोष के उपाध्यक्ष लाल सिंह ने बताया कि परिवार में चार भाइयों में प्रकाश सबसे छोटा था। बडे़ भाई सुच्चा सिंह, रमेश सिंह, प्रेम सिंह खेती करते हैं। उनका भतीजा बलविंदर सिंह भी आर्मी में है। मोबाइल पर परिजनों को इतना ही बताया गया कि प्रकाश सिंह के पेट में दर्द हुआ था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसके बाद प्रकाश सिंह का शव घर पहुंचेगा। उनके निधन की सूचना पर प्रकाश सिंह की पत्नी जसवीर कौर सहित अन्य परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए कैप्टन लक्षमण सिंह मेहरा, जीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, अवतार सिंह, राजेंद्र सिंह आदि पहुंचे थे।
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मोबाइल पर अंतिम बातचीत में प्रकाश ने बेटी को किया था याद
बाजपुर। प्रकाश सिंह ने मोबाइल पर आखिरी बातचीत के दौरान मासूम बेटी को याद किया था।
प्रकाश सिंह की पत्नी जसवीर कौर ने बताया कि शनिवार देर शाम करीब पौने नौ बजे मोबाइल पर उनसे अंतिम बातचीत हुई थी। इससे पहले दिन में भी दो बार बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी तीन वर्षीय बेटी असमीत कौर उर्फ आशु को याद किया था। पूरे परिवार का हालचाल जाना। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि मैंने भोजन कर लिया है। आप सब लोग भी खाना खाकर सो जाओ। जसवीर कौर ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम था कि शनिवार को उनकी अंतिम बात हो रही है। मोबाइल पर हालचाल जानकर वह खुश लग रहे थे। इधर घर पर लोगों के एकत्र होने पर मासूम असमीत कौर भी गुमसुम है लेकिन मासूम को अभी अपने पिता के बारे में कुछ मालूम नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रकाश सिंह जब भी अवकाश लेकर घर आता था तब वह गांव के सभी लोगों से मिलता था। निधन की सूचना से परिवार सहित पूरा गांव शोक में डूबा है। संत केशर सिंह स्मृति सहायता कोष के उपाध्यक्ष लाल सिंह ने प्रकाश सिंह को शहीद का दर्जा देने, गांव में स्मारक बनाने और शहीद सैनिक के परिवार को मिलने वाली सभी सहायता देने की मांग की है। संवाद
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परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह करीब तीन बजे उन्हें मोबाइल पर प्रकाश सिंह के निधन की सूचना मिली। बताया कि प्रकाश को शनिवार रात को पेट में दर्द हुआ था। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। प्रकाश सिंह आर्मी की 1811 मीडियम रेजीमेंट में वर्ष 2009 में भर्ती हुए थे। उनके पिता कश्मीर सिंह का पांच साल पहले और माता रानो कौर का चार माह पहले निधन हो चुका है।
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परिजनों के अनुसार उन्होंने गांव थापक नंगला स्थित प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। गांव हरिपुरा हरसान स्थित जीआईसी से 12वीं पास की। वह 10 अक्तूबर को 20 दिन के अवकाश पर घर आए और 29 अक्तूबर को वापस गए थे। संत केशर सिंह स्मृति सहायता कोष के उपाध्यक्ष लाल सिंह ने बताया कि परिवार में चार भाइयों में प्रकाश सबसे छोटा था। बडे़ भाई सुच्चा सिंह, रमेश सिंह, प्रेम सिंह खेती करते हैं। उनका भतीजा बलविंदर सिंह भी आर्मी में है। मोबाइल पर परिजनों को इतना ही बताया गया कि प्रकाश सिंह के पेट में दर्द हुआ था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसके बाद प्रकाश सिंह का शव घर पहुंचेगा। उनके निधन की सूचना पर प्रकाश सिंह की पत्नी जसवीर कौर सहित अन्य परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए कैप्टन लक्षमण सिंह मेहरा, जीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, अवतार सिंह, राजेंद्र सिंह आदि पहुंचे थे।
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मोबाइल पर अंतिम बातचीत में प्रकाश ने बेटी को किया था याद
बाजपुर। प्रकाश सिंह ने मोबाइल पर आखिरी बातचीत के दौरान मासूम बेटी को याद किया था।
प्रकाश सिंह की पत्नी जसवीर कौर ने बताया कि शनिवार देर शाम करीब पौने नौ बजे मोबाइल पर उनसे अंतिम बातचीत हुई थी। इससे पहले दिन में भी दो बार बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी तीन वर्षीय बेटी असमीत कौर उर्फ आशु को याद किया था। पूरे परिवार का हालचाल जाना। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि मैंने भोजन कर लिया है। आप सब लोग भी खाना खाकर सो जाओ। जसवीर कौर ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम था कि शनिवार को उनकी अंतिम बात हो रही है। मोबाइल पर हालचाल जानकर वह खुश लग रहे थे। इधर घर पर लोगों के एकत्र होने पर मासूम असमीत कौर भी गुमसुम है लेकिन मासूम को अभी अपने पिता के बारे में कुछ मालूम नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रकाश सिंह जब भी अवकाश लेकर घर आता था तब वह गांव के सभी लोगों से मिलता था। निधन की सूचना से परिवार सहित पूरा गांव शोक में डूबा है। संत केशर सिंह स्मृति सहायता कोष के उपाध्यक्ष लाल सिंह ने प्रकाश सिंह को शहीद का दर्जा देने, गांव में स्मारक बनाने और शहीद सैनिक के परिवार को मिलने वाली सभी सहायता देने की मांग की है। संवाद

प्रकाश सिंह की फाइल फोटो- फोटो : KASHIPUR