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ओडीएफ के लिए यूएस नगर का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:18 AM IST
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खुले में शौच से मुक्त योजना के तहत कम समय में सबसे ज्यादा शौचालय निर्माण के लिए ऊधमसिंह नगर जिले का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है। मात्र 20 दिन में 351 ग्राम पंचायतों में 8 हजार शौचालय बनाने पर यह उपलब्धि हासिल हुई है। स्वजल परियोजना को बाकायदा इसका सर्टिफिकेट भी मिल गया है।
मिशन स्वाभिमान के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनाकर ओडीएफ घोषित करना था। नवंबर-2015 से शुरू अभियान के तहत ऊधमसिंह नगर जिले में दो लाख 53 हजार शौचालय का निर्धारित किया गया था, अब तक करीब सवा लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं। जसपुर और काशीपुर को सबसे पहले ओडीएफ घोषित किया गया।
शौचालय बनाने वाले परिवार को स्वजल विभाग की ओर से 12 हजार की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। अमर उजाला ने खुले में शौच से मुक्त अभियान को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए अपने घरों में शौचालय निर्माण में तेजी दिखाई। स्वजल विभाग को यह अवार्ड कम अवधि में 351 ग्राम पंचायत में 8 हजार शौचालय बनाने के लिए दिया गया है।
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विभाग की ओर से जिले को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। लिम्का बुक में नाम दर्ज होना इस बात का संकेत है कि विभाग की ओर से बेहतर और तेजी से कार्य किए गए। शेष लक्ष्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।
भीम सिंह, प्रबंधक, स्वजल परियोजना
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मिशन स्वाभिमान के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनाकर ओडीएफ घोषित करना था। नवंबर-2015 से शुरू अभियान के तहत ऊधमसिंह नगर जिले में दो लाख 53 हजार शौचालय का निर्धारित किया गया था, अब तक करीब सवा लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं। जसपुर और काशीपुर को सबसे पहले ओडीएफ घोषित किया गया।
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शौचालय बनाने वाले परिवार को स्वजल विभाग की ओर से 12 हजार की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। अमर उजाला ने खुले में शौच से मुक्त अभियान को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए अपने घरों में शौचालय निर्माण में तेजी दिखाई। स्वजल विभाग को यह अवार्ड कम अवधि में 351 ग्राम पंचायत में 8 हजार शौचालय बनाने के लिए दिया गया है।
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विभाग की ओर से जिले को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। लिम्का बुक में नाम दर्ज होना इस बात का संकेत है कि विभाग की ओर से बेहतर और तेजी से कार्य किए गए। शेष लक्ष्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।
भीम सिंह, प्रबंधक, स्वजल परियोजना