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Udham Singh Nagar News: अब रामनगर डिपो से आई पुरानी बसें
Thu, 27 Feb 2025 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 27 Feb 2025 01:01 AM IST
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रुद्रपुर। परिवहन निगम ने स्थानीय रोडवेज डिपो को पुरानी बसों की प्रयोगशाला बना दिया है। रानीखेत डिपो के बाद अब रामनगर डिपो की खटारा हो चुकी बस डिपो को दी गई हैं।
परिवहन निगम ने हाल में रानीखेत डिपो की पांच पुरानी बस डिपो को दी थी। इन बसों की मरम्मत में ही कार्यशाला कर्मियों को खासी मशक्कत करनी प़ड़ रही है। पांच में से चार ही बसों का संचालन हुआ है। अब रामनगर डिपो से लगभग कंडम हो चुकीं दो बसों को इस डिपो में भेजा गया है। इनमें से एक बस दस लाख किमी तो दूसरी बस नौ लाख किमी से अधिक सफर तय कर चुकी है। दस लाख किमी चलने के बाद बस को कंडम घोषित कर नीलाम कर दिया जाता है, लेकिन इस डिपो को दस लाख किमी से अधिक चलीं बसें दे दी जा रही हैं।
डिपो के बेड़े में शामिल सभी 37 बसों के पुराने होने पर पहले से ही उनके रखरखाव में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। डिपो को वर्ष 2019-20 के बाद नई बसें नहीं मिली हैं। डिपो के पास एक भी बीएस-6 मॉडल की बस नहीं है।
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डिपो के एआरएम केएस राणा का कहना है कि रामनगर से मिली पुरानी बसों की मरम्मत कर संचालन लायक बनाया जा रहा है। नई सीएनजी बसों की मांग निगम प्रबंधन से की गई है।
कर्मचारियों ने की कलपुर्जे उपलब्ध कराने की मांग
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद (कार्यशाला) की शाखा इकाई ने कार्यशाला में बसों के कलपुर्जों की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की है। शाखाध्यक्ष राकेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि कलपुर्जों की कमी के कारण समय पर बसों की मरम्मत नहीं हो पाती है। कहा कि कार्यशाला में कर्मचारियों की कमी को दूर किया जाए। कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए।
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परिवहन निगम ने हाल में रानीखेत डिपो की पांच पुरानी बस डिपो को दी थी। इन बसों की मरम्मत में ही कार्यशाला कर्मियों को खासी मशक्कत करनी प़ड़ रही है। पांच में से चार ही बसों का संचालन हुआ है। अब रामनगर डिपो से लगभग कंडम हो चुकीं दो बसों को इस डिपो में भेजा गया है। इनमें से एक बस दस लाख किमी तो दूसरी बस नौ लाख किमी से अधिक सफर तय कर चुकी है। दस लाख किमी चलने के बाद बस को कंडम घोषित कर नीलाम कर दिया जाता है, लेकिन इस डिपो को दस लाख किमी से अधिक चलीं बसें दे दी जा रही हैं।
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डिपो के बेड़े में शामिल सभी 37 बसों के पुराने होने पर पहले से ही उनके रखरखाव में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। डिपो को वर्ष 2019-20 के बाद नई बसें नहीं मिली हैं। डिपो के पास एक भी बीएस-6 मॉडल की बस नहीं है।
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डिपो के एआरएम केएस राणा का कहना है कि रामनगर से मिली पुरानी बसों की मरम्मत कर संचालन लायक बनाया जा रहा है। नई सीएनजी बसों की मांग निगम प्रबंधन से की गई है।
कर्मचारियों ने की कलपुर्जे उपलब्ध कराने की मांग
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद (कार्यशाला) की शाखा इकाई ने कार्यशाला में बसों के कलपुर्जों की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की है। शाखाध्यक्ष राकेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि कलपुर्जों की कमी के कारण समय पर बसों की मरम्मत नहीं हो पाती है। कहा कि कार्यशाला में कर्मचारियों की कमी को दूर किया जाए। कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए।