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नोटिस कोर्ट के आदेशों की अवहेलना : बंसल
Tue, 06 May 2025 12:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 06 May 2025 12:52 AM IST
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काशीपुर। उत्तराखंड की विभिन्न मंडी समितियों की ओर से मैन्युफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग इकाइयों को द्वितीय आवक पर मंडी शुल्क एवं विकास उपकर वसूलने के लिए जारी किए नोटिसों पर केजीसीसीआई ने चिंता व्यक्त की है। कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक बंसल ने राज्य के मुख्य सचिव, उद्योग सचिव, कृषि सचिव एवं मंडी निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा कि सितारगंज, रुद्रपुर, हरिद्वार, किच्छा, काशीपुर, खटीमा आदि क्षेत्रों की मंडी समितियों की ओर से राज्य के बाहर से निर्माण/प्रसंस्करण के लिए लाए गए कृषि उत्पादों पर शुल्क वसूली के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जो उच्चतम न्यायालय के दिनांक नौ दिसंबर 2015 के निर्णय के प्रतिकूल हैं। कहा हमें विश्वास है कि उत्तराखंड सरकार राज्य की औद्योगिक प्रगति, निवेश संवर्धन एवं नीतिगत के लिए त्वरित कदम उठाएगी। जिससे औद्योगिक इकाइयों के समक्ष उत्पन्न अनिश्चितता शीघ्र हो सकेगी।
चैंबर की मांगें
सभी मंडी समितियों को निर्देशित किया जाए कि मैन्यूफैक्चरिंग/प्रोसेसिंग के लिए द्वितीय आवक पर मंडी शुल्क/विकास उपकर संबंधी सभी नोटिस/आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं।
संबंधित अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों एवं संविधान के अनुरूप कार्यवाही के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।
निवेशकों एवं उद्यमियों को आश्वस्त किया जाए कि राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों एवं संविधान के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही के लिए प्रतिबद्ध है।
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चैंबर की मांगें
सभी मंडी समितियों को निर्देशित किया जाए कि मैन्यूफैक्चरिंग/प्रोसेसिंग के लिए द्वितीय आवक पर मंडी शुल्क/विकास उपकर संबंधी सभी नोटिस/आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं।
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संबंधित अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों एवं संविधान के अनुरूप कार्यवाही के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।
निवेशकों एवं उद्यमियों को आश्वस्त किया जाए कि राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों एवं संविधान के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही के लिए प्रतिबद्ध है।
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