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सड़कों को निगल रही अवैध पार्किंग
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काशीपुर बैंक के बाहर खड़े वाहन। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। सड़कों पर बनी अवैध पार्किंग नगर की सड़कों को निगल रही हैं। होटल, अस्पताल, बार, बैंक और दुकानों में पार्किंग न होने के चलते लोग वाहनों को सड़कों पर खड़ा कर रहे हैं। इससे जाम तो लगता ही है, हादसों का खतरा भी बना रहता है। पार्किंगों को सड़क से हटाने के लिए कई अभियान चले लेकिन सड़कों पर अवैध पार्किंग का खेल लगातार जारी है।
रामनगर रोड हो या रतन सिनेमा रोड, बाजपुर रोड हो या कुंडेश्वरी रोड सभी पर आए दिन सड़क पर पार्किंग देखी जा रही है। कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर अवैध पार्किंग बना दी गई है। नियमानुसार हर कामर्शियल बिल्डिंग में पार्किंग होनी चाहिए। भवन का एक हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखा जाता है। भवन का मानचित्र स्वीकृत करते समय नक्शे में पार्किंग की जगह छोड़ी जाती है लेकिन नगर में ऐसा नहीं हो रहा है। यहां भारी संख्या में ऐसी व्यावसायिक भवन हैं जिनमें पार्किंग का नामोनिशान तक नहीं है। ऐसे में लोग सड़क पर वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं।
कामर्शियल बिल्डिंगों में पार्किंग के अलग-अलग मानक हैं। अगर किसी बिल्डिंग में कवर पार्किंग बनाई जाती है तो वह 28 स्क्वायर मीटर होगी। इसी तरह ओपन पार्किंग 23 स्क्वायर मीटर, सेमी ओपन में 26 स्क्वायर मीटर जगह में पार्किंग बनाने का मानक है। अगर कोई बेसमेंट में पार्किंग दे दहा है तो वह कवर पार्किंग मानी जाएगी। पार्किंग की जानकारी मानचित्र स्वीकृति कराते समय जिला विकास प्राधिकरण को देनी होती है। बिना पार्किंग की जगह छोड़े नक्शा पास नहीं हो सकता है।
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-एके सिंह, जेई जिला विकास प्राधिकरण।
व्यावसायिक भवनों में पार्किंग की जगह छोड़ना अनिवार्य है। बिना पार्किंग व्यावसायिक भवन का नक्शा पास नहीं हो सकता है। अगर सड़क पर पार्किंग बनाई जा रही है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अभय प्रताप सिंह, एसडीएम।
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रामनगर रोड हो या रतन सिनेमा रोड, बाजपुर रोड हो या कुंडेश्वरी रोड सभी पर आए दिन सड़क पर पार्किंग देखी जा रही है। कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर अवैध पार्किंग बना दी गई है। नियमानुसार हर कामर्शियल बिल्डिंग में पार्किंग होनी चाहिए। भवन का एक हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखा जाता है। भवन का मानचित्र स्वीकृत करते समय नक्शे में पार्किंग की जगह छोड़ी जाती है लेकिन नगर में ऐसा नहीं हो रहा है। यहां भारी संख्या में ऐसी व्यावसायिक भवन हैं जिनमें पार्किंग का नामोनिशान तक नहीं है। ऐसे में लोग सड़क पर वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं।
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कामर्शियल बिल्डिंगों में पार्किंग के अलग-अलग मानक हैं। अगर किसी बिल्डिंग में कवर पार्किंग बनाई जाती है तो वह 28 स्क्वायर मीटर होगी। इसी तरह ओपन पार्किंग 23 स्क्वायर मीटर, सेमी ओपन में 26 स्क्वायर मीटर जगह में पार्किंग बनाने का मानक है। अगर कोई बेसमेंट में पार्किंग दे दहा है तो वह कवर पार्किंग मानी जाएगी। पार्किंग की जानकारी मानचित्र स्वीकृति कराते समय जिला विकास प्राधिकरण को देनी होती है। बिना पार्किंग की जगह छोड़े नक्शा पास नहीं हो सकता है।
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-एके सिंह, जेई जिला विकास प्राधिकरण।
व्यावसायिक भवनों में पार्किंग की जगह छोड़ना अनिवार्य है। बिना पार्किंग व्यावसायिक भवन का नक्शा पास नहीं हो सकता है। अगर सड़क पर पार्किंग बनाई जा रही है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अभय प्रताप सिंह, एसडीएम।