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एनजीटी की कार्रवाई पीसीबी में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:09 AM IST
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- फोटो : ngt
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सिडकुल से सटे सिद्ध गर्ब्यांग गांव में फैक्ट्रियों का जहरीला पानी बहने और काली राख उड़ने का मामला एनजीटी तक पहुंचने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) में हड़कंप मच गया है। बोर्ड के सदस्य सचिव ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो सप्ताह भर के भीतर जांच कर प्रदूषित पानी के नमूने लेगी। इन नमूनों की जांच भारत सरकार की अधिकृत लैब में की जाएगी।
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बता दें कि पिथौरागढ़ के धारचूला ब्लॉक से यहां बसाए गए 250 परिवारों के सिद्ध गर्ब्यांग गांव में सिडकुल की फैक्ट्रियों के गंदे पानी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हालात यह हो चले हैं कि गांव के हैंडपंप और नलों से भी गंदा पानी निकल रहा है और मजबूरी में लोग वही पानी पीने को मजबूर हैं। इसके अलावा आसपास के करीब आधा दर्जन गांव भी इससे प्रभावित हैं। यह मामला तहसील से लेकर पीसीबी और एससी/एसटी आयोग तक पहुंचा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) कोर्ट को चिट्ठी लिखी।
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एनजीटी के मामले में दो अप्रैल को सुनवाई की तिथि निर्धारित करने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हरकत में आ गया है। बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
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बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर कंसल ने बताया कि चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें सिडकुल का भी अधिकारी शामिल है। यह कमेटी सप्ताह भर के भीतर गांव का निरीक्षण कर प्रदूषित पानी का नमूना लेगी। कहा कि नमूनों की जांच भारत सरकार के अधिकृत लैब में कराया जाएगा। कहा कि गंदा पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियां किसी हाल नहीं बख्शी जाएंगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।