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ऊधम सिंह नगर: मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में सप्ताह में एक दिन बैठेंगे न्यूरोसर्जन
Sun, 12 Feb 2023 05:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 12 Feb 2023 05:26 AM IST
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रुद्रपुर। निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में सप्ताह में एक दिन बृहस्पतिवार सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक न्यूरोसर्जन मरीजों को देखेंगे। मरीजों से इलाज का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केदार सिंह शाही की पहल पर यह सुविधा संभव हुई है।
जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी हैं। सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदयरोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन न होने से मरीजों को परेशानी हो रही हैं। न्यूरो से संबंधित इलाज के महंगा होने के कारण कई मरीज अपना इलाज तक नहीं करा पाते हैं। प्राचार्य डॉ. शाही ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में न्यूरोसर्जन न होने के कारण मरीजों को लौटना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने डीएम से मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में अस्थायी रूप से न्यूरोसर्जन के बैठने के लिए अनुमति ली थी।
डॉ. शाही ने बताया कि हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. अजय बजाज प्रत्येक सप्ताह बृहस्पतिवार सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक दो घंटे न्यूरो से संबंधित मरीजों को देखेंगे क्योंकि न्यूरो के करीब 90 प्रतिशत मरीज ओपीडी के लिए ही आते हैं। जांच में गंभीर मरीजों को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर किया जाएगा।
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जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी हैं। सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदयरोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन न होने से मरीजों को परेशानी हो रही हैं। न्यूरो से संबंधित इलाज के महंगा होने के कारण कई मरीज अपना इलाज तक नहीं करा पाते हैं। प्राचार्य डॉ. शाही ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में न्यूरोसर्जन न होने के कारण मरीजों को लौटना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने डीएम से मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में अस्थायी रूप से न्यूरोसर्जन के बैठने के लिए अनुमति ली थी।
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डॉ. शाही ने बताया कि हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. अजय बजाज प्रत्येक सप्ताह बृहस्पतिवार सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक दो घंटे न्यूरो से संबंधित मरीजों को देखेंगे क्योंकि न्यूरो के करीब 90 प्रतिशत मरीज ओपीडी के लिए ही आते हैं। जांच में गंभीर मरीजों को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर किया जाएगा।
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