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महिला सम्मान पर मेरी चुप्पी समझी गई कमजोरी : मुक्ता

Tue, 04 Dec 2018 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  काशीपुर।
अमर उजाला ब्यूरो  काशीपुर। Updated Tue, 04 Dec 2018 12:22 AM IST
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Mukta singh  has done press conference in kashipur
काशीपुर में पत्रकारों से वार्ता करती कांग्रेस नेत्री मुक्ता सिंह। - फोटो : Amar ujala

पुत्रवधू को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोपों में घिरी कांग्रेस से मेयर प्रत्याशी रहीं मुक्ता सिंह ने सोमवार को मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी। मुक्ता ने कहा कि खुद महिला होने के नाते उन्होंने अपनी पुत्रवधू पर कीचड़ उछालना मुनासिब नहीं समझा। यही चुप्पी उनके लिए घातक साबित हुई और उन्हें बगैर किसी कसूर के जेल जाना पड़ा। उन्होंने पूरे विवाद की वजह कर्ज में डूबे अपने समधी को बताया। आरोप लगाया कि उनके समधी ने उनसे दो करोड़ रुपये, एक फ्लैट और एक एकड़ भूमि की मांग की थी।

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जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद सोमवार को मुक्ता सिंह और उनके परिवार के लोग तमाम दस्तावेजों के साथ पत्रकारों से रूबरू हुए। मुक्ता सिंह ने बताया कि उनके बेटे शशांक सिंह की शादी चार दिसंबर 2011 को हुई थी। उन्होंने अपनी पुत्रवधू की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा। दावा किया कि जेब खर्च के लिए पुत्रवधू को हर माह 30 हजार रुपये तक की रकम चेक के माध्यम से दी।
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उसे नैनीताल बोर्ड हाउस क्लब की सदस्यता दिलाई। किटी पार्टियों, जिम आदि पर पुत्रवधू प्रति माह हजारों खर्च करती थी। देश-विदेश में पर्यटक स्थलों पर उसका समय-समय पर आना-जाना लगा रहता था। उसे एक कार दी हुई थी। मुक्ता ने आरोप लगाया कि उनके समधी ने दो करोड़ रुपये, एक फ्लैट और एक एकड़ भूमि की मांग की थी, जो इस विवाद की वजह बनी।
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मुक्ता सिंह ने बताया कि समधी ने बैंक से कर्ज लेकर मैंथा फैक्ट्री लगाई थी, जो कर्ज न लौटाने पर कुर्क हो गई। कर्ज चुकाने के लिए उन पर रकम देने को दबाव बनाया जा रहा था। वह अपनी आंख के ऑपरेशन के लिए दिल्ली गईं थीं। उसी दौरान 8 जून 2013 को पुत्रवधू घर छोड़कर चली गई। 2 जनवरी 2016 को पुत्रवधू ने कोर्ट में खर्च केस दायर कर दिया। उसने दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी।

मुक्ता ने सवाल किया कि यदि दहेज उत्पीड़न की बात थी तो केस उसी दौरान क्यों नहीं दर्ज कराया गया। उन्होंने दावा किया कि घर छोड़ते समय पुत्रवधू के खातों में करीब आठ लाख रुपये थे। गर्भपात कराने के आरोप पर मुक्ता ने सफाई दी कि विवाह से पूर्व ही उसकी पुत्रवधू पॉली सिस्टिक ओवरी डिजीज (पीसीओडी) से पीड़ित है। दोनों बार गर्भ में बच्चा विकसित नहीं हो सका, जिस कारण दोनों बार गर्भपात कराना पड़ा। 


कांग्रेस नेता मुक्ता सिंह की ओर से मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मेरी मैंथा फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसका क्लेम केस चल रहा है। यह फैक्ट्री बैंक में बंधक है। इसमें मुक्ता सिंह या उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति गारंटर नहीं है। ऐसे में उनसे डिमांड करने का कोई औचित्य नहीं है। यह दहेज उत्पीड़न का केस है और मैं बेटी के इनसाफ की लड़ाई लड़ रहा हूं। - महेश वर्मा, प्रियंका के पिता।

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