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Udham Singh Nagar News: राहत नहीं, जख्म दे रहा बाईपास मार्ग
Mon, 20 Nov 2023 12:32 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:32 AM IST
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गदरपुर। एनएच 74 पर करोड़ों रुपयों की लागत से बना बाईपास हादसों का सबब बन रहा है। बाईपास पर कई जगहों पर दरार पड़ी है। सड़क बैठ भी गई है। इसे लगातार सुधारा जा रहा है। इसके बावजूद यहां हुए सड़क हादसों में 12 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।
रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने पिछले वर्ष 27 अक्तूबर को बाईपास मार्ग का अनौपचारिक लोकार्पण किया था क्योंकि विधायक अरविंद पांडे ने इस मार्ग पर पहले ही यातायात सुचारु करा दिया था लेकिन सड़क खुलने के कुछ घंटे बाद ही ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। बाईपास मार्ग पर आठ महीनों में 16 से अधिक हादसे हो चुके हैं। इनमें 12 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।
करीब आठ किमी लंबे बाईपास पर चुनपुरी, सरदारनगर, गूलरभोज रोड एवं दिनेशपुर रोड पर अंडरपास का निर्माण किया गया है। यहां बनी सर्विसलेन भी जर्जर है। ओवरलोड वाहन अनियंत्रित गति से चल रहे हैं। इस कारण एक जगह दरार भरते ही दूसरी जगह पर दरारें बन जा रहीं हैं। ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर किसी प्रकार की रोक और सख्ती न होने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहा है।
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अब भी बाईपास मार्ग पर दरारों वाले मार्ग के चिह्नित हिस्सों को मिलिंग मशीन की मदद से उखाड़ा जा रहा है। बाईपास मार्ग बनवा रही एनएचएआई की कार्यदायी संस्था गल्फार के अधिकारियों का कहना है कि बाईपास मार्ग के निर्माण में नियमानुसार कार्य किया गया है। संस्था पूरी प्राथमिकता के साथ मार्ग के सुधारीकरण के कार्य में लगी है।
क्या कह रहे क्षेत्रवासी
बाईपास से जुड़ने वाले तिराहे और चौराहों पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। लाइटिंग की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। नियमों की अनदेखी से दुर्घटनाएं बढ़ रहीं हैं। - मंगत राम बत्रा, ग्रामीण।
बलरामनगर बाईपास मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से कई दुर्घटनाएं हो चुकीं हैं। ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। - राजेंद्र पपोला राजू, व्यापारी।
एनएच 74 पर कई जगह दरारें आ गईं हैं। तेज रफ्तार से आने वाले वाहन असंतुलित होकर दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। मार्ग पर दिशासूचक चिह्न भी कम हैं। - मनजीत सिंह खालसा, कारोबारी।
अंडरपास में अंधेरा रहता है। गूलरभोज रोड पर बने अंडरपास की ऊंचाई कम है। सर्विस लेन भी संकरी है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। दुर्घटना का भी खतरा है। - राहुल मिश्रा, किसान।
ओवरलोड वाहन चलने से सड़क टूट रही है। कार्यदायी संस्था ने गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप सड़क बनाई है। ओवरलोडिंग रोकने की जरूरत है। - योगेंद्र पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर, गल्फार।
फोटो 19आरडीपी 06पी: गदरपुर में बाईपास मार्ग पर किया पैचवर्क का कार्य।
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रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने पिछले वर्ष 27 अक्तूबर को बाईपास मार्ग का अनौपचारिक लोकार्पण किया था क्योंकि विधायक अरविंद पांडे ने इस मार्ग पर पहले ही यातायात सुचारु करा दिया था लेकिन सड़क खुलने के कुछ घंटे बाद ही ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। बाईपास मार्ग पर आठ महीनों में 16 से अधिक हादसे हो चुके हैं। इनमें 12 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं।
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करीब आठ किमी लंबे बाईपास पर चुनपुरी, सरदारनगर, गूलरभोज रोड एवं दिनेशपुर रोड पर अंडरपास का निर्माण किया गया है। यहां बनी सर्विसलेन भी जर्जर है। ओवरलोड वाहन अनियंत्रित गति से चल रहे हैं। इस कारण एक जगह दरार भरते ही दूसरी जगह पर दरारें बन जा रहीं हैं। ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर किसी प्रकार की रोक और सख्ती न होने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहा है।
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अब भी बाईपास मार्ग पर दरारों वाले मार्ग के चिह्नित हिस्सों को मिलिंग मशीन की मदद से उखाड़ा जा रहा है। बाईपास मार्ग बनवा रही एनएचएआई की कार्यदायी संस्था गल्फार के अधिकारियों का कहना है कि बाईपास मार्ग के निर्माण में नियमानुसार कार्य किया गया है। संस्था पूरी प्राथमिकता के साथ मार्ग के सुधारीकरण के कार्य में लगी है।
क्या कह रहे क्षेत्रवासी
बाईपास से जुड़ने वाले तिराहे और चौराहों पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। लाइटिंग की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। नियमों की अनदेखी से दुर्घटनाएं बढ़ रहीं हैं। - मंगत राम बत्रा, ग्रामीण।
बलरामनगर बाईपास मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से कई दुर्घटनाएं हो चुकीं हैं। ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। - राजेंद्र पपोला राजू, व्यापारी।
एनएच 74 पर कई जगह दरारें आ गईं हैं। तेज रफ्तार से आने वाले वाहन असंतुलित होकर दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। मार्ग पर दिशासूचक चिह्न भी कम हैं। - मनजीत सिंह खालसा, कारोबारी।
अंडरपास में अंधेरा रहता है। गूलरभोज रोड पर बने अंडरपास की ऊंचाई कम है। सर्विस लेन भी संकरी है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। दुर्घटना का भी खतरा है। - राहुल मिश्रा, किसान।
ओवरलोड वाहन चलने से सड़क टूट रही है। कार्यदायी संस्था ने गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप सड़क बनाई है। ओवरलोडिंग रोकने की जरूरत है। - योगेंद्र पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर, गल्फार।
फोटो 19आरडीपी 06पी: गदरपुर में बाईपास मार्ग पर किया पैचवर्क का कार्य।