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Udham Singh Nagar News: बाग में नुकसान रोकने के लिए बंदरों को दिया था जहर
Tue, 20 Jun 2023 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 20 Jun 2023 12:26 AM IST
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पुलिस ने बाग ठेकेदार के नौ लोगों को किया गिरफ्तार
पशु क्रूरता अधिनियम व वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। एक आम के बाग के ठेकेदार के कर्मचारियों ने फलों के नुकसान को रोकने के लिए जहर खिलाकर आठ बंदरों की जान ले ली। पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम व वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत बाग ठेकेदार के नौ लोगों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। पुलिस अब इस घटना के बाद क्षेत्र के सभी बागों में सत्यापन अभियान चलाएगी।
सोमवार को आईटीआई थाना में सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि रविवार को पुलिस को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली ग्राम जैतपुर घोसी में एक कार शोरूम के सामने आम के बाग में संदिग्ध रूप से बंदर मरे मिले हैं। उक्त बाग पीलीभीत निवासी संदीप शर्मा का है। एसपी अभय सिंह ने आईटीआई थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने बाग से बंदरों के आठ शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। साथ ही बहेड़ी निवासी बाग ठेकेदार के नौ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने पूछताछ में स्वीकार कर कहा कि बंदर फलों को बहुत नुकसान कर रहे थे। उन्होंने बंदरों को भगाने के लिए केवल दवा का छिड़काव किया था जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदरों के कीटनाशक खाने की पुष्टि हुई थी। सीओ ने बताया कि आरोपियों ने डर के चलते मरे हुए बंदरों को बाग में ही गड्ढे में दबा कर छिपा दिया था। आरोपियों पर दूसरे राज्य के होने के बावजूद पुलिस सत्यापन नहीं कराने का अलग से केस दर्ज होगा। पुलिस ने बंदरों को मारने के आरोप में मोहम्मद, छोटे खां, इमरान, अफजाल, अनवार, इकरार शाह, नदीम और मुबारक निवासी ग्राम दुनका थाना शाही बरेली और इमामुद्दीन निवासी ग्राम चचौट थाना शीशगढ़ को गिरफ्तार किया है।
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.....19 केएसपी 08 पी....काशीपुर आईटीआई थाना में पुलिस हिरासत में बंदर मारने के आरोपी व जानकारी देती सीओ वंदना वर्मा। संवाद
पैनल ने किया था बंदरों का पोस्टमार्टम
बंदरों का पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से कराया गया। पैनल में राजकीय शूकर प्रजनन प्रक्षेत्र काशीपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भारत सिंह व राजकीय पशु चिकित्सालय महुआखेड़ा गंज के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रकाश वैष्णव थे। डॉ. भारत ने बताया बंदरों को मारने में कौन सा जहर या कौन सी ऐसी चीज दी गई है, जिससे बंदरों की मौत हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम में नहीं हो सकी है। क्योंकि शव एक से दो दिन पुराने थे। शव गर्मी के चलते काफी सड़-गल गए थे। मौत की पुष्टि के लिए बंदरों के कई अंदरूनी अंगों के सैंपल आईवीआरआई इज्जतनगर बरेली जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बंदरों की मौत किन कारणों से हुई है। उन्होंने बताया आम के पेड़ पर बोर आने के दौरान दवा का छिड़काव होता है। फल आने के बाद ऐसी किसी भी दवा का छिड़काव नहीं होता है जो नुकसानदायक हो। संवाद
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पशु क्रूरता अधिनियम व वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। एक आम के बाग के ठेकेदार के कर्मचारियों ने फलों के नुकसान को रोकने के लिए जहर खिलाकर आठ बंदरों की जान ले ली। पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम व वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत बाग ठेकेदार के नौ लोगों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। पुलिस अब इस घटना के बाद क्षेत्र के सभी बागों में सत्यापन अभियान चलाएगी।
सोमवार को आईटीआई थाना में सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि रविवार को पुलिस को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली ग्राम जैतपुर घोसी में एक कार शोरूम के सामने आम के बाग में संदिग्ध रूप से बंदर मरे मिले हैं। उक्त बाग पीलीभीत निवासी संदीप शर्मा का है। एसपी अभय सिंह ने आईटीआई थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने बाग से बंदरों के आठ शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। साथ ही बहेड़ी निवासी बाग ठेकेदार के नौ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
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सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने पूछताछ में स्वीकार कर कहा कि बंदर फलों को बहुत नुकसान कर रहे थे। उन्होंने बंदरों को भगाने के लिए केवल दवा का छिड़काव किया था जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदरों के कीटनाशक खाने की पुष्टि हुई थी। सीओ ने बताया कि आरोपियों ने डर के चलते मरे हुए बंदरों को बाग में ही गड्ढे में दबा कर छिपा दिया था। आरोपियों पर दूसरे राज्य के होने के बावजूद पुलिस सत्यापन नहीं कराने का अलग से केस दर्ज होगा। पुलिस ने बंदरों को मारने के आरोप में मोहम्मद, छोटे खां, इमरान, अफजाल, अनवार, इकरार शाह, नदीम और मुबारक निवासी ग्राम दुनका थाना शाही बरेली और इमामुद्दीन निवासी ग्राम चचौट थाना शीशगढ़ को गिरफ्तार किया है।
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.....19 केएसपी 08 पी....काशीपुर आईटीआई थाना में पुलिस हिरासत में बंदर मारने के आरोपी व जानकारी देती सीओ वंदना वर्मा। संवाद
पैनल ने किया था बंदरों का पोस्टमार्टम
बंदरों का पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से कराया गया। पैनल में राजकीय शूकर प्रजनन प्रक्षेत्र काशीपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भारत सिंह व राजकीय पशु चिकित्सालय महुआखेड़ा गंज के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रकाश वैष्णव थे। डॉ. भारत ने बताया बंदरों को मारने में कौन सा जहर या कौन सी ऐसी चीज दी गई है, जिससे बंदरों की मौत हुई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम में नहीं हो सकी है। क्योंकि शव एक से दो दिन पुराने थे। शव गर्मी के चलते काफी सड़-गल गए थे। मौत की पुष्टि के लिए बंदरों के कई अंदरूनी अंगों के सैंपल आईवीआरआई इज्जतनगर बरेली जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बंदरों की मौत किन कारणों से हुई है। उन्होंने बताया आम के पेड़ पर बोर आने के दौरान दवा का छिड़काव होता है। फल आने के बाद ऐसी किसी भी दवा का छिड़काव नहीं होता है जो नुकसानदायक हो। संवाद