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दूध से बढ़ेगी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी
चंदन बंगारी / अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
Updated Mon, 07 May 2018 11:56 PM IST
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- फोटो : डेंमो
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जिले के जसपुर ब्लॉक के 60 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आमदनी उनके पशुओं के दूध के जरिये बढ़ाने की कवायद की जा रही है। इसके तहत चिलर प्लांट लगाने के साथ ही दूध के साथ ही खोया, पनीर, दही और घी तैयार कर पैकिंग की जाएगी। महिलाएं तैयार उत्पादों की बाजार में मार्केटिंग और ब्रांडिंग भी करेंगी।
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महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने पर विशेष ध्यान किया जा रहा है। इसी क्रम में सीडीओ की पहल पर जसपुर ब्लॉक के 60 समूहों की महिलाओं की आमदनी को दुग्ध उत्पादन से बढ़ाने का खाका तैयार किया गया है। समूहों से जुड़ी 600 महिलाओं का सर्वे किया गया तो उनके पास 658 गाय और भैंस पाए गए। महिलाओं ने बाजार में दूध के दाम कम मिलने की बात कही थी।
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महिलाओं को दूध का अच्छा मूल्य दिलाने और पैकेजिंग के लिए प्रस्तावित चिलर प्लांट के लिए क्षेत्र के मेघावाला में एक बीघा जमीन भी चयनित की जा चुकी है। सीडीओ आलोक कुमार पांडेय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत के साथ ही जमीन का निरीक्षण भी कर चुके हैं। अनुमान के मुताबिक योजना सफल रही तो प्रतिदिन साढ़े 14 हजार का फायदा होगा। महिला समूहों सीआईएफ का फंड (एक लाख रुपये) मिल चुका है, जिसे वे चिलर प्लांट लगाने में खर्च करेंगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर मनरेगा का भी सहयोग लिया जाएगा। प्रोजेक्ट का स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। बहुत जल्द ही चिलर प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
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जसपुर की 10 महिला समूहों की 600 महिलाओं के सर्वे में पता चला कि उनको दूध का दाम कम मिल रहा है। इनको दूध का बेहतर दाम दिलाने के लिए प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसमें चिलर प्लांट लगाया जाएगा। इसमें दूध के साथ ही अन्य उत्पाद पनीर, दही, घी तैयार कर पैकिंग कर बाजार में बेचा जाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। चिलर प्लांट से लेकर दूध को बाजार में बेचने का काम महिलाएं ही करेंगी। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी।
- आलोक कुमार पांडेय, सीडीओ।