Accident: पहले सिर से उठा पिता का साया...अब मां का आंचल भी छूट गया, अनाथ हो गए तीन बेटे; परिवार में मचा कोहराम
रुद्रपुर फ्लाईओवर के पास हुई बस दुर्घटना में मीनू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। छह माह पहले ही सिर से पिता का साया उठने के बाद अब विक्की, अजय और संजू मां के आंचल से भी दूर हो गए हैं।
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रुद्रपुर फ्लाईओवर के पास हुई बस दुर्घटना में मीनू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। छह माह पहले ही सिर से पिता का साया उठने के बाद अब विक्की, अजय और संजू मां के आंचल से भी दूर हो गए हैं।
मीनू मिस्त्री की मौत से ग्रामवासियों में भी शोक की लहर छाई हुई है। घर पर तमाम लोगों का जमावड़ा लग गया। जिनसे भी बस दुर्घटना के बारे में सुना, उसने ही दुख के सागर में डूबे परिजनों को घर जाकर सांत्वना देना जरूरी समझा। लोगों का कहना है कि सरल स्वभाव की मीनू मिस्त्री रोजमर्रा की तरह चौका बर्तन का काम करने के लिए रुद्रपुर गई थी और शाम के समय लौटने के लिए सवारी का इंतजार कर रही थी। इस बीच काल का दूत बनकर आई बस ने मीनू मिस्त्री को अपनी चपेट में ले लिया और उसकी मौत हो गई।
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इधर रात करीब आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद मीनू के शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मीनू मिस्त्री के सबसे बड़े बेटे विक्की और सबसे छोटे अजय का विवाह हो चुका है मंझला बेटा संजू अविवाहित है।