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‘कोई भी विवाह बगैर गवाहों के मान्य नहीं’

Fri, 15 Mar 2019 12:08 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: अरुण कुमार Updated Fri, 15 Mar 2019 12:08 AM IST
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marriage is not valid without witnesses'
अपराजिता कार्यक्रम में शपथ पत्रों के साथ महिलाएं। - फोटो : amar ujala

अमर उजाला के 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में सुचेतना समाज सेवा केंद्र एवं सखी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में महिलाओं को हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की जानकारी दी गई। इस दौरान 61 महिलाओं ने संकल्प पत्र भी भरे। 

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गंगापुर गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कविता बडोला ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत कोई व्यक्ति पत्नी के जिंदा रहते दूसरी शादी नहीं कर सकता। मारपीट और उत्पीड़न पर महिला भी तलाक ले सकती है। कोई भी विवाह सार्वजनिक और बगैर गवाहों के मान्य नहीं है। सुचेतना समाज सेवा केंद्र की सुपरवाइजर सपना और समाजसेवी एवं बिजनेस वूमन शालिनी बोरा ने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे को मजबूत करने पर जोर दिया। 
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कोट 
विवाह के नाम पर धोखाधड़ी की शिकार महिलाओं के लिए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 मजबूत हथियार है। इसमें आरोपी पुरुषों को दंड और जुर्माने का भी प्राविधान है। - कविता बडोला (प्रभारी), ममता कुशवाहा (काउंसलर) सखी वन स्टॉप सेंटर। 
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रूढ़िवादी पुरुष पुत्र न होने पर पत्नियों को घर से निकाल देते हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 मददगार साबित हो सकता है। - बबीता (अध्यक्ष), सुचेतना समाज सेवा केंद्र, नारमनी (ग्राम प्रधान) गंगापुर। 
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शादी के बाद यदि महिला पर अत्याचार हो तो उसे सहन नहीं करना चाहिए बल्कि उस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाकर न्याय पाना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। - परवीन बानो, गीता देवी। 

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समाज में बेटी और बहू को पूरा सम्मान मिलना चाहिए। समाज में कलंक बन चुके दहेज और महिला हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक करना चाहिए। अमर उजाला का यह कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने का बेहतर मंच है। - हेमलता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, भूपिंदर कौर, खेड़ा।

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