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संरक्षित प्रजाति के 24 कछुओ के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
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काशीपुर। वन्यजीवों की संरक्षित सूची में शामिल कछुओं की तस्करी के आरोप में आईटीआई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से संरक्षित प्रजाति के 24 कछुए बरामद किए हैं।
शुक्रवार को सीओ एपी कोंडे ने बताया कि काशीपुर समेत तराई के शहरों में इन दिनों धान की रोपाई के लिए बंगाल से श्रमिक आए हुए हैं। ये लोग भोजन में कछुए का मांस पसंद करते हैं। इस कारण जनपद ऊधमसिंह नगर में कछुओं समेत विलुप्त जीव-जंतुओं के शिकार की घटनाएं बढ़ गई हैं। सीओ ने बताया कि एक सूचना पर आईटीआई थाना पुलिस ने ग्राम मुकुंदपुर तिराहे के पास से एक युवक को धर दबोचा। उसके पास से एक कट्टेे में संरक्षित प्रजाति के 24 कछुए बरामद हुए हैं। पकड़ा गया आरोपी ग्राम अमृतनगर थाना दिनेशपुर का निवासी मनोज गोलदार है। इन दिनों वह मुकुंदपुर में रहता है। पूछताछ में मनोज ने बताया कि पकड़े गए कछुए वह रामपुर जिले के दढ़ियाल क्षेत्र से लाया था। वहां कोसी नदी के किनारे बरसात के दिनों में कछुए आसानी से मिल जाते है। वह इन कछुओं को दिनेशपुर में धान की रोपाई करने आई बंगाली श्रमिकों को बेचने के लिए ले जा रहा था। बरामद कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी का धारा 51 वन्यजीव अधिनियम के तहत चालान किया है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी, एसआई प्रदीप कुमार भट्ट, कांस्टेबल भरत सिंह बिष्ट, अनिल सती, किशन सिंह, दुर्गेश चौहान आदि थे।
बंगाली प्रवासियों का सत्यापन कर रखी जाएगी नजर
काशीपुर। सीओ एपी कोंडे ने बताया कि संरक्षित जीव होने के साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी कछुओं का अपना विशिष्ट महत्व है। देवभूमि में कई जातियां कछुओं की पूजा करते है। उनके शिकार से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी कछुओं का अहम स्थान है। उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में बाहर से लोग आकर बसे हैं। इनमें बंगाली प्रवासियों की संख्या अधिक है। बंगाली प्रवासियों का सत्यापन कर वन्य जीवों की तस्करी में लिप्त लोगों पर नजर रखी जाएगी।
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शुक्रवार को सीओ एपी कोंडे ने बताया कि काशीपुर समेत तराई के शहरों में इन दिनों धान की रोपाई के लिए बंगाल से श्रमिक आए हुए हैं। ये लोग भोजन में कछुए का मांस पसंद करते हैं। इस कारण जनपद ऊधमसिंह नगर में कछुओं समेत विलुप्त जीव-जंतुओं के शिकार की घटनाएं बढ़ गई हैं। सीओ ने बताया कि एक सूचना पर आईटीआई थाना पुलिस ने ग्राम मुकुंदपुर तिराहे के पास से एक युवक को धर दबोचा। उसके पास से एक कट्टेे में संरक्षित प्रजाति के 24 कछुए बरामद हुए हैं। पकड़ा गया आरोपी ग्राम अमृतनगर थाना दिनेशपुर का निवासी मनोज गोलदार है। इन दिनों वह मुकुंदपुर में रहता है। पूछताछ में मनोज ने बताया कि पकड़े गए कछुए वह रामपुर जिले के दढ़ियाल क्षेत्र से लाया था। वहां कोसी नदी के किनारे बरसात के दिनों में कछुए आसानी से मिल जाते है। वह इन कछुओं को दिनेशपुर में धान की रोपाई करने आई बंगाली श्रमिकों को बेचने के लिए ले जा रहा था। बरामद कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी का धारा 51 वन्यजीव अधिनियम के तहत चालान किया है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी, एसआई प्रदीप कुमार भट्ट, कांस्टेबल भरत सिंह बिष्ट, अनिल सती, किशन सिंह, दुर्गेश चौहान आदि थे।
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बंगाली प्रवासियों का सत्यापन कर रखी जाएगी नजर
काशीपुर। सीओ एपी कोंडे ने बताया कि संरक्षित जीव होने के साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी कछुओं का अपना विशिष्ट महत्व है। देवभूमि में कई जातियां कछुओं की पूजा करते है। उनके शिकार से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी कछुओं का अहम स्थान है। उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में बाहर से लोग आकर बसे हैं। इनमें बंगाली प्रवासियों की संख्या अधिक है। बंगाली प्रवासियों का सत्यापन कर वन्य जीवों की तस्करी में लिप्त लोगों पर नजर रखी जाएगी।
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