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Udham Singh Nagar News: नागों की शक्ति का प्रतीक है मां नागिन शक्ति देवी मंदिर
Tue, 29 Jul 2025 01:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:24 AM IST
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काशीपुर। मां नागिन शक्ति देवी मंदिर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है। माना जाता है कि मंदिर का निर्माण चंद्र राजाओं ने कराया था। मान्यता है कि मां का दर्शन करने से मुराद पूरी होती है। इस मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है।
रामनगर रोड स्थित स्टेडियम के पास मां नागिन शक्ति देवी मंदिर है। मान्यता है कि मां नागिन नागों की शक्ति हैं। कुछ लोग इस शक्तिपीठ को स्वयं भू-स्थापित मानते हैं। बताया जाता है कि मंदिर में जो प्रतिष्ठित प्रतिमा है वह द्वापर युग की है। चंद्र राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। श्रावण मास की नाग पंचमी के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। बताते हैं कि कई वर्ष पहले नवरात्र के अंतिम दिन यहां मेला भी लगता था।
मंदिर के पुजारी विपिन जोशी बताते हैं कि मान्यता है कि यदि सपने में सर्प दिखते हैं तो मंदिर परिसर से मिट्टी ले जाकर घर में रखने से सपने में सर्प दिखना बंद हो जाते हैं। इसलिए इस मान्यता को मानने वाले लोग यहां से मिट्टी ले जाते हैं। ऐसे लोग उसके बदले आषाढ़ मास में मां नागिन शक्ति देवी को चना, गेहूं का आटा व गुड़ चढ़ाते हैं। यहां दर्शन के लिए काशीपुर के अलावा अन्य शहरों व राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में भगवान शंकर, भैरव, काली, राधा-कृष्ण, हनुमान व विश्वकर्मा की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर नाग देवा स्थापित हैं। मां नागिन शक्ति देवी का दर्शन करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
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रामनगर रोड स्थित स्टेडियम के पास मां नागिन शक्ति देवी मंदिर है। मान्यता है कि मां नागिन नागों की शक्ति हैं। कुछ लोग इस शक्तिपीठ को स्वयं भू-स्थापित मानते हैं। बताया जाता है कि मंदिर में जो प्रतिष्ठित प्रतिमा है वह द्वापर युग की है। चंद्र राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। श्रावण मास की नाग पंचमी के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। बताते हैं कि कई वर्ष पहले नवरात्र के अंतिम दिन यहां मेला भी लगता था।
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मंदिर के पुजारी विपिन जोशी बताते हैं कि मान्यता है कि यदि सपने में सर्प दिखते हैं तो मंदिर परिसर से मिट्टी ले जाकर घर में रखने से सपने में सर्प दिखना बंद हो जाते हैं। इसलिए इस मान्यता को मानने वाले लोग यहां से मिट्टी ले जाते हैं। ऐसे लोग उसके बदले आषाढ़ मास में मां नागिन शक्ति देवी को चना, गेहूं का आटा व गुड़ चढ़ाते हैं। यहां दर्शन के लिए काशीपुर के अलावा अन्य शहरों व राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में भगवान शंकर, भैरव, काली, राधा-कृष्ण, हनुमान व विश्वकर्मा की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर नाग देवा स्थापित हैं। मां नागिन शक्ति देवी का दर्शन करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
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