Rudrapur: कमरे से खून बहकर बरामदे में जमा मिला, बेटे ने पिता के पेट पर चाकू से किया वार; आंतें बाहर निकल आईं
रुद्रपुर में पिता की शराब की लत आजादनगर में रहने वाले राठौर परिवार पर भारी पड़ गया। परिवार के ही बड़े बेटे ने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। दीपक के जेहन में गुस्सा इस कदर था कि उसने पिता के पेट पर चाकू से इतने वार किए कि उनकी आंतें बाहर निकल आईं।
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रुद्रपुर में पिता की शराब की लत, झगड़ालु प्रवृत्ति और बेटे का संपत्ति का लालच ट्रांजिट कैंप के आजादनगर में रहने वाले राठौर परिवार पर भारी पड़ गया। परिवार के ही बड़े बेटे ने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। दीपक के जेहन में गुस्सा इस कदर था कि उसने पिता के पेट पर चाकू से इतने वार किए कि उनकी आंतें बाहर निकल आईं। इस जघन्य हत्याकांड को जिसने भी सुना, वह बेटे को कोसता नजर आया।
मूल रूप से रामपुर जिले के मिलक तहसील का रहने वाला तोताराम डेढ़ दशक पहले परिवार के साथ आजादनगर में आ गया था। दस साल पहले उन्होंने आजाद नगर में ही मकान खरीद लिया था। इसमें वह परिवार के साथ रहते थे और ई रिक्शा चलाता थे लेकिन वह शराब पीने के आदी हो गए थे।
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कुछ साल पहले तक उसके पास तीन ई रिक्शा होते थे। इसी बीच शराब की लत के चलते उनका एक ई रिक्शा भी बिक गया था। वह शराब पीकर घर के साथ ही मोहल्लेवालों से भी झगड़ा करते थे। कुछ समय पहले उनके बड़े बेटे दीपक को भारतीय जनता युवा मोर्चा का मंडल महामंत्री बनाया गया था। मोहल्लेवालों के मुताबिक तोताराम उनसे झगड़ते थे तो दीपक भी उन पर सत्ता का रौब दिखाता था लेकिन दोनों पिता-पुत्र के बीच संपत्ति को लेकर अक्सर विवाद रहता था।
आजादनगर में रहने वाले तोताराम के परिचित सतपाल ने बताया कि दीपक ने किच्छा में पिता की ओर से लिए गए प्लाट के साथ ई रिक्शा भी बेच दिया था। तोताराम ने मकान को बिकाऊ कर रखा था और वह मकान बेचकर छोटे बेटे को रुपये देना चाहता था। लेकिन दीपक इसके खिलाफ था। इसे लेकर दीपक और तोताराम के बीच झगड़े होते थे। इधर तोताराम के छोटे बेटे सुमित ने बताया कि पिता शराब पीकर अक्सर झगड़ा और गालीगलौज करते थे। वह बीते कुछ समय से बीमार थे। शुक्रवार रात पिता शराब पीकर घर आए थे और बीमारी का उलाहना देकर गालीगलौज की। उसने भाई दीपक को बुलाया तो दोनों के बीच तनातनी हुई थी। शनिवार सुबह भाई ने उसे जगाया और पिता की हत्या करने की बात कहकर अपने साथ थाने ले गया था।
पांच साल से पत्नी भी मृतक से रह रही है अलग
तोताराम की नशे की लत और झगड़ालु प्रवृत्ति से परिवार के साथ ही मोहल्लेवाले भी परेशान थे। बताया जा रहा है कि उसका बेटा दीपक भी नशा करता था। आए दिन परिवार में होने वाली कलह से परेशान होकर तोताराम की पत्नी ओमवती पांच साल पहले घर से चली गई थी और तीनपानी क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर रह रही है।
दो बार नशा मुक्ति केंद्र में रहा तोताराम
आजादनगर निवासी सतपाल ने बताया कि दीपक ने दो बार तोताराम को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। लेकिन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने के बाद पिता का ई रिक्शा और किच्छा का प्लाट बेच दिया था। पांच महीने पहले ही तोताराम नशा मुक्ति केंद्र से आया था। केंद्र से आने के कुछ दिन बाद ही मोहल्ले में ही एक ई रिक्शा पलटने से उसका एक पैर टूट गया था। बताया कि मृतक नया ई रिक्शा लेने की तैयारी कर रहा था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
बहन बोली, 15 दिन से नहीं आई है घर
भाई तोताराम की हत्या की सूचना पर जनपथ रोड फुलसूंगा में रहने वाली राजवती आजादनगर पहुंच गई थी। लेकिन तब तक पुलिस ने शव को सील कर वाहन में रख दिया था। अपने भाई का मृत शरीर देख राजवती फफक पड़ी। उसने बताया कि पिता पुत्र के बीच झगड़ा होता था। लेकिन झगड़ा उसके भाई की जान पर बन आएगा, यह उसने सोचा भी नहीं था। वह 15 दिन से भाई के घर नहीं आई है।
पांच साल पहले तोताराम की बेटी ने की थी आत्महत्या
आजादनगर में बड़े अरमानों से तोताराम ने घर खरीदा था लेकिन पांच साल पहले इसी घर में उसकी इकलौती बेटी कोमल ने आत्महत्या की थी। इस मामले में एक युवक का नाम सामने आया था। हालांकि मामला शांत होने के बाद दीपक ने युवक की बहन से शादी कर ली थी। इस शादी के खिलाफ तोताराम और उसकी पत्नी ओमवती भी थी। ओमवती घर छोड़कर चली गई थी, लेकिन तोताराम अक्सर बेटे के साथ बहू को नशे में कोसता रहता था।
कमरे से खून बहकर बरामदे में जम गया था
आजादनगर में तोताराम की हत्या के बाद मंजर खौफनाक था। मृतक अर्धनग्न हालत में खून से लथपथ पड़ा था और उसके पेट से आंतें बाहर निकली थीं। कमरे में फर्श पर खून फैला हुआ था और तोताराम के शरीर से इतना खून बहा था कि वह बरामदे में आकर जम गया था।
पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी में था दीपक
पिता की हत्या करने वाला दीपक भाजयुमो का मंंडल महामंत्री बनने के बाद मोहल्लेवालों को रौब दिखाता था। उसका पार्टी के बड़े नेताओं के साथ उठना बैठना हो गया था। सत्ता की हनक दिखाने के लिए उसने घर के बाहर पार्टी से मिले पद की नेम प्लेट लगा रखी थी और उसमें विधायक का नाम भी अंकित था। यही नहीं वह पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था और सोशल मीडिया पर खुद को संभावित पार्षद प्रत्याशी लिखना शुरू कर दिया था। मोहल्लेवालों का कहना है कि वह अक्सर छोटी मोटी बातों पर लड़ता झगड़ता था। कुछ दिन पहले ही पड़ोसी से विवाद के बाद उनको थाने में बंद करा दिया था और फिर समझौता कर लिया था।
भाजपा ने लिया दीपक पर एक्शन, किया बाहर
भाजयुमो मंडल महामंत्री दीपक राठौर के कृत्य की जानकारी के बाद पार्टी ने कड़ा एक्शन लिया है। पार्टी के बड़े नेताओं के साथ अक्सर दिखने वाले दीपक को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता ने बताया कि जिलाध्यक्ष कमल जिंदल के निर्देश पर दीपक को पार्टी से बाहर कर दिया गया है।