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हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर।
Updated Sun, 21 May 2017 12:55 AM IST
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- फोटो : google
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काशीपुर। हत्या कर साक्ष्य छुपाने के आरोप में अपर सत्र न्यायाधीश काशीपुर नसीम अहमद की अदालत ने हत्या के आरोपी राकेश गिरी उर्फ संटू को धारा 302 में आजीवन कारावास, धारा 201 में दस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 13 जुलाई 2013 को संजीव कुमार शर्मा ने सुबह मंशा देवी मंदिर के मुख्य द्वार के पास बोरी में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच के बाद मोहल्ला लाहौरियान निवासी राकेश गिरी उर्फ संटू को गिरफ्तार किया।
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पुलिस के अनुसार आरोपी राकेश गिरी उर्फ संटू ने अपने कमरे में कमल उर्फ टुल्ला के सिर को सिलबट्टे से कूच कर हत्या कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से राजकीय अधिवक्ता संतोष नकवी और मुद्दई के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने कहा कि आरोपी राकेश गिरी ने हत्या कर शव को छिपाने के लिए बोरी में डाल कर बाहर फेंक दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के वकीलों के तर्क और सबूतों के आधार पर राकेश गिरी उर्फ संटू को दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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