{"_id":"c2ad2a74aafa3fe25d1be9c0918e1f33","slug":"lepord-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निमोनिया से गुलदार की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निमोनिया से गुलदार की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, खटीमा (ऊधमसिंह नगर)
Updated Tue, 03 Feb 2015 10:47 PM IST
विज्ञापन
नेपाल सीमा से एक किमी पहले बनबसा दक्षिण कंपाट में एक गुलदार वन कर्मियों को मृत मिला। दो चिकित्सकों के पेनल ने गुलदार का पोस्टमार्टम कर उसके महत्वपूर्ण अंग जांच के लिए निकाले गए।
खटीमा वन रेंज के बनबसा दक्षिण कंपाट में मंगलवार सुबह वन कर्मियों की टीम को गुलदार के कराहने की आवाज सुनाई दी। टीम के पहुंचने तक गुलदार दम तोड़ चुका था। रेंजर टीएस शाही ने बताया कि नर गुलदार की उम्र लगभग पांच वर्ष थी। दो चिकित्सकों के पेनल ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सक डा. संजीव कुमार शर्मा एवं डा. कोमल सिंह ने बताया कि गुलदार संभवत: निमोनियां से पीड़ित था। पोस्टमार्टम के बाद गुलदार के शव को वन दरोगा जशोद सिंह एवं हरक सिंह बिष्ट की देरेख में नष्ट किया गया।
विज्ञापन
खटीमा वन रेंज के बनबसा दक्षिण कंपाट में मंगलवार सुबह वन कर्मियों की टीम को गुलदार के कराहने की आवाज सुनाई दी। टीम के पहुंचने तक गुलदार दम तोड़ चुका था। रेंजर टीएस शाही ने बताया कि नर गुलदार की उम्र लगभग पांच वर्ष थी। दो चिकित्सकों के पेनल ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सक डा. संजीव कुमार शर्मा एवं डा. कोमल सिंह ने बताया कि गुलदार संभवत: निमोनियां से पीड़ित था। पोस्टमार्टम के बाद गुलदार के शव को वन दरोगा जशोद सिंह एवं हरक सिंह बिष्ट की देरेख में नष्ट किया गया।
विज्ञापन