गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे शहीद भगत सिंह के पौत्र, कहा- खाली हाथ घरों को वापस नहीं लौटेंगे किसान
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शहीद भगत सिंह के पौत्र विश्वजीत सिंह उर्फ बंटी ने कहा कि किसान आंदोलन को लेकर सरकार बैकफुट पर पर आ गई है। किसान अब किसी भी कीमत पर खाली हाथ घरों को नहीं लौटेंगे। गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन स्थल पर शनिवार को शहीद भगत सिंह के पौत्र विश्वजीत सिंह उर्फ बंटी भी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहे। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्ष 1906-07 में शहीद भगत सिंह जी के पिता अजीत सिंह और चाचा किशन सिंह ने अंग्रेजों की ओर से थोपे गए कानूनों के खिलाफ चले आंदोलन में नारा दिया था ‘पगड़ी संभाल जट्टा’।
आज इस परंपरा को निभाते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में उन्होंने नारा दिया है ‘सरमायेदारों की गुलामी से बचाओ जट्टा।’ उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में आने वाले किसानों को पुलिस ऊपर से आदेशों की बात कहकर रोक रही है। मुझे भी रोका गया लेकिन मेरे तो वंश में यह काम चला आ रहा है कि गलत का विरोध करें। उन्होंने कहा कि सिख कौम में तो समाजसेवा का भाव कूट-कूटकर भरा है। यह आंदोलन की शुरुआत है। केंद्रीय कृषि मंत्री सूटबूट वालों को किसान नहीं समझते हैं। आंदोलन को कुचलने के लिए हर तरह से हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। 11 जनवरी को फिर सुनवाई है, देखते हैं क्या होता है...।
धरने में शिरकत कर रहे महिलाएं और बच्चे
कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में तराई से बड़ी संख्या में किसानों के अलावा सामाजिक और राजनैतिक संगठनों से जुड़े लोग भी शिरकत कर समर्थन दे रहे हैं। आंदोलन लंबा खिंचने के आसार होते देख किसानों के परिजन भी धरने में पहुंच रहे हैं। महिलाओं के साथ ही छोटे बच्चे भी आंदोलन में हिस्सा लेने रवाना हो रहे हैं।
धरने में शामिल गदरपुर के खेमपुर की जिला पंचायत सदस्य सुमन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों में आक्रोश है। सरकार को कानून रद्द करने चाहिए। उनके क्षेत्र के किसान भी कृषि कानूनों के खिलाफ हैं। किसानों के साथ ही परिजन भी ठंड में धरना दे रहे हैं। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि रविवार से रुद्रपुर से बस सेवा गाजीपुर बॉर्डर के लिए शुरू हो रही है।
आंदोलन में पहुंचने के लिए लोगों को दिक्कत न हो, इसलिए यह सेवा शुरू की जा रही है। फिलहाल यह सेवा अनियमित है और भीड़ बढ़ने पर नियमित किया जाएगा। बताया कि रुद्रपुर में लोहड़ी के दिन किसान काले कानूनों की जलाकर विरोध दर्ज कराएंगे। कड़ाके की ठंड में किसान बॉर्डरों पर अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में लोहड़ी का पर्व आंदोलन को समर्पित रहेगा।
बस से 40 किसान गाजीपुर बॉर्डर हुए रवाना
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल होने एवं किसानों को अपने घर आने-जाने की निशुल्क सुविधा देने के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नानकमत्ता ने बस सेवा शुरू की है। शनिवार को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के परिसर से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए 40 किसानों को लेकर बस रवाना की गई। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहायक लेखा अधिकारी रंजीत सिंह ढिल्लो ने बस को हरी झंडी दिखाई। वहां रिशपाल सिंह पालू, महेंद्र सिंह, हरप्रीत सिंह, जसवंत सिंह रवि आदि थे।
आंदोलनकारी किसानों के लिए रसद लेकर जत्था दिल्ली रवाना
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल किसानों के लिए जसपुर से दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दो कारों में खाने का सामान लेकर 35 किसान शनिवार को गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि किसानों ने दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान साथियों लिए राशन एकत्र किया है। किसान 21 कनस्तर सरसों का तेल, 12 क्विंटल चीनी, दो क्विंटल चाय पत्ती, छह क्विंटल चावल, छह क्विंटल आटा और दालें लेकर गए हैं। 35 किसानों के जत्थे में बहादुरपुर, भवानीपुर, गोविंदपुर आदि गांवों के रहने वाले किसान हैं।
उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर लोहड़ी पर्व मनाने के लिए जसपुर से आठ क्विंटल मावे के लड्डू, एक ट्रॉली कंडे, एक ट्रॉली जलौनी लकड़ी, एक ट्रॉली पानी की बोतलें भेजी जाएंगी। बताया कि किसान आंदोलन के दौरान रसोई संभालने के साथ ही खेती कर रही महिलाओं को संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से 18 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। सहोता ने बताया कि कृषि कानूनों के वापस होने तक आंदोलन कर रहे किसानों के लिए खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जाती रहेगी।
किसान आंदोलन के समर्थन में किसान बेटियां और छात्र गरजे
किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को किसान बेटियों और विद्यार्थियों ने रैली निकालकर कृषि कानूनों का विरोध किया। मुख्य मार्ग से रैली होते हुए शहीद भगत सिंह चौक पर पहुंची। यहां सांकेतिक धरना देकर युवाओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मंडी समिति जाकर रैली का समापन किया। वहां किसान बेटियां प्रभजोत कौर व जसकिरन कौर के अलावा कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनीता टम्टा, खुशप्रीत कौर, संदीप कौर, अर्शदीप कौर, सपनदीप कौर, मंजोत कौर, सुरजीत कौर, दर्शन कौर, रविंदर कौर, अभिजोत सिंह, कुलविंदर सिंह, सिमरनजीत सिंह, अनमोल सिंह, जसकीरत सिंह, शरद कश्यप, रोमन संधू, फैजल, परम सिंह, अमरजोत सिंह आदि थे। इधर, कृषि कानूनों को लेकर शहीद भगत सिंह चौक पर शनिवार को 31वें दिन धरना जारी रहा।