ठंडे हो गए परिजनों के असमान: माणा एवलांच में जान गंवाने वाले अनिल का होने वाला था रिश्ता, घर में शोक की लहर
माणा गांव में हिमस्खलन की चपेट में आए अनिल के अरमानों को बर्फ ने ठंडा कर दिया। बेटे के विवाह के लिए रिश्ता देख रही मां बिमला का रो-रोकर बुरा हाल है।
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चमोली के माणा गांव में हिमस्खलन की चपेट में आए अनिल के अरमानों को बर्फ ने ठंडा कर दिया। बेटे के विवाह के लिए रिश्ता देख रही मां बिमला का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बुढ़ापे के सहारे की मौत की खबर सुनकर पिता गमगीन है। गम की सैलाब को दबाए और आंखों में आंसुओं को छिपाकर वह पत्नी और बच्चों को तो दिलासा दे रहे हैं।
बरी गांव निवासी ईश्वरी प्रसाद ने रूंधे गले से बताया कि अनिल पहले हाईवे बनाने वाली गल्फार कंपनी में नौकरी करता था। अक्तूबर में उसने बार्डर क्षेत्र की एक कंपनी में नौकरी के लिए अपने साथियों के साथ माणा गांव जाने की बात कही थी। नौ अक्तूबर को अनिल अपने साथियों के साथ माणा गया था। शनिवार को जब माणा में बर्फबारी में कुछ लोगों की मौत की सूचना मिली तो चिंतित हो गए थे। वह हर पाल बेटे की सलामती की दुआ कर रहे थे लेकिन उसकी मौत की खबर ने उन्हें तोड़ दिया।
होली पर आने वाला था घर
ईश्वरी प्रसाद ने बिलखते हुए बताया कि 27 फरवरी को उनकी अनिल से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। वह वहां हो रही बर्फबारी फोन पर दिखा रहा था। बताया कि बेटा ने उन्हें होली के लिए दो मार्च से अवकाश पर आने की जानकारी दी थी। वह बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे। उसे देखने लड़की वाले भी आने वाले थे। उसकी मौत की सूचना से सपने तिनकों की तरह बिखर गए।
घर में लगा शोक जताने वालों का तांता
युवक की मौत की सूचना पर घर में शोक जताने वालों का तांता लग गया। भाजपा नेता सुरेश गंगवार ने घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। सुरेश के अनुसार उन्होंने सीएम से परिजनों को मुआवजा दिलाने की बात कही है। अनिल के अलावा घर में तीन और भाई सुनील, निखिल और अजय हैं। सुनील और बहन नीतू की शादी हो चुकी है। ईश्वरी प्रसाद गांव में मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। सोमवार तड़के मृतक का शव घर पहुंचने की संभावना है।