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खटीमा : अतिक्रमणकारियों को 16 मई तक राहत
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा।
Updated Sun, 13 May 2018 12:23 AM IST
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अतिक्रमण के खिलाफ नगर के एक व्यापारी की ओर से बीते शुक्रवार को लगाई गई याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट से व्यापारियों को 16 मई तक की मोहलत मिल गई। है। 16 मई को प्रशासन भी अपना पक्ष न्यायालय में रखेगा। उसके बाद जो भी निर्णय न्यायालय से होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बुधवार तक व्यापारियों को राहत मिल गई है।
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सरदार क्लाथ हाउस के स्वामी मनप्रीत गंभीर ने वर्ष 2012 में वरिष्ठ अधिवक्ता कविंद्र सिंह कफलिया की जनहित याचिका को आधार बनाते हुए न्यायालय में याचिका दाखिल कि है कि उन्हें उस याचिका के तहत एनएच, लोनिवि, राजस्व विभाग ने अतिक्रमणकारी नहीं माना था। उस चिन्हीकरण में लगी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट से अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।
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ऐसे में स्थानीय प्रशासन उन्हें क्यों उजाड़ रहा है। व्यापारियों ने स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। हाईकोर्ट ने 16 मई को इस मामले की सुनवाई करने और तब तक कार्रवाई रोकने को कहा है। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कविंद्र सिंह काफलिया को भी सोमवार को न्यायालय में अपना पक्ष रखने को कहा गया है। फिलहाल मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए व्यापारियों को राहत मिल गयी है। एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने 16 मई को न्यायालय में प्रशासन का पक्ष रखने की बात कही है।
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कफलिया की याचिका पर खटीमा का अतिक्रमण हुआ था चिन्हित
खटीमा में नगर के व्यापारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कविंद्र सिंह कफलिया की जनहित याचिका के आधार पर हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका से एक बार फिर वर्ष 2012 का मामला उखड़ने के आसार बनने लगे हैं। यदि उस याचिका के तहत चिन्हित हुए अतिक्रमणों पर कार्रवाई हुई तो खकरा, ऐंठा, पीलीभीत रोड, मेलाघाट रोड, टनकपुर रोड, आजाद मार्केट और सब्जी मंडी में हुए बड़े अतिक्रमण भी ढहाए जाएंगे। इस याचिका पर कार्रवाई आजाद मार्केट के 86 दुकानदारों की वजह से रुकी हुई है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने वेंडर जोन को लेकर फड़ व्यवसायियों को राहत देते हुए मामला हाईकोर्ट में वापस कर दिया था। आजाद मार्केट के फड़ व्यवसायियों को आधार बनाकर अन्य अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई स्थानीय प्रशासन ने रोक दी थी। अधिवक्ता कफलिया ने कहा कि वह सोमवार को हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।